MP कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की सूची पर घमासान, कई जिलों में विरोध और इस्तीफों की झड़ी
मध्य प्रदेश कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की नई सूची जारी होते ही घमासान मच गया है। राजधानी भोपाल से लेकर उज्जैन, सतना और बुरहानपुर तक कई जिलों में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। नाराज कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर खुलकर नाराजगी जताई है, वहीं कुछ नेताओं ने तो इस्तीफा भी दे दिया है।
- कांग्रेस जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पर बवाल
- अपने जिलों तक सिमटे दिग्गज नेता
- दूसरे जिलों के नेताओं मिल कई कमान
- इंदौर और भोपाल सहित कई जिलों में नियुक्तियों का विरोध
- मध्यप्रदेश कांग्रेस के 71 जिला अध्यक्षों के नाम का ऐलान
- कमलनाथ गुट के 10 दस जिलाध्यक्ष बने
भोपाल से शुरू हुआ विरोध
भोपाल में जिला अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना को दोबारा जिम्मेदारी मिलने पर असंतोष खुलकर सामने आया। पूर्व अध्यक्ष मोनू सक्सेना ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कटू शब्दों में लिखा है कि “राहुल गांधी ने मांगा था संगठन सृजन और भोपाल में हुआ कांग्रेस का विसर्जन।
इस्तीफों का दौर
सूची जारी होने के बाद जिला प्रवक्ता और राजीव गांधी पंचायत प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष हेमंत पाटिल ने इस्तीफा दे दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनकी मेहनत और संगठन के प्रति योगदान को दरकिनार कर दिया गया है।
अन्य जिलों में भी विरोध
उज्जैन ग्रामीण में महेश परमार की नियुक्ति का विरोध। सतना में सिद्धार्थ कुशवाहा को जिम्मेदारी मिलने पर नाराजगी। बुरहानपुर में अरुण यादव समर्थकों की गुप्त बैठक की चर्चा। अल्पसंख्यक बहुल जिले में भी असंतोष नजा आ रहा है। कांग्रेस के मुस्लिम नेताओं को जिम्मेदारी न मिलने पर असंतोष है। सोशल मीडिया पर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने विरोध जताते हुए कई पोस्ट साझा किए हैं।
विधायक और पूर्व विधायकों को पद मिलने पर आक्रोश नजर आ रहा है। कांग्रेस की सूची में 71 जिलाध्यक्षों के नाम शामिल हैं। इनमें 21 पुराने अध्यक्ष दोहराए गए हैं।
6 विधायक
8 पूर्व विधायक
4 महिलाएं
10 एसटी
8 एससी
12 ओबीसी
3 अल्पसंख्यक
विशेष बात यह है कि कई विधायकों और पूर्व विधायकों को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है, जिस पर कार्यकर्ताओं में सबसे ज्यादा गुस्सा देखने को मिल रहा है।
भाजपा का कांग्रेस पर हमला
भाजपा ने भी कांग्रेस की इस सूची को लेकर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने आरोप लगाया कि यह सूची संगठन के बजाय प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की “गुटबाज़ी और व्यक्तिगत स्वार्थ की पटकथा” है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हुई है और बड़े नेताओं को ठिकाने लगाने की साज़िश रची गई है।
कुलमिलाकर मध्यप्रदेश कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की नई नियुक्तियों ने पार्टी में असंतोष की लहर दौड़ा दी है। जहां कार्यकर्ताओं और दावेदार नेताओं का गुस्सा सोशल मीडिया और इस्तीफों के रूप में सामने आ रहा है, वहीं भाजपा इस विवाद को कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी बताकर हमला बोल रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद कांग्रेस के लिए और सिरदर्द बन सकता है। (प्रकाश कुमार पांडेय)





