Independence Day of India ) के रूप में मनाया जाता है। सन् 1947 में इसी दिन भारत को ब्रिटिश हुकूमत से आजादी मिली थी। अंग्रेजों से भारत को आजादी दिलाने में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की अहम भूमिका रही थी। लेकिन क्या आपको इस बात की जानकारी है कि जब भारत को आजादी मिली थी तो महात्मा गांधी इस जश्न में नहीं थे। तब वे दिल्ली से हजारों किलोमीटर दूर बंगाल के नोआखली में थे, जहां वे हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच हो रही सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन कर रहे थे। एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि भारत को आजाद करने के लिए किसने और क्यों 15 अगस्त की तिथि को चुना। इसके पीछे क्या वजह थी। आजादी की सालगिरह के मौके पर यहां जानें इस यादगार दिन से जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्य –
1. आजादी के लिए 15 अगस्त की डेट क्यों चुनी
भारत के आखिरी वायसरॉय लार्ड माउंटबेटन ने भारत की स्वतंत्रता के लिए 15 अगस्त का दिन तय किया था। दरअसल हिंदुस्तान के स्वतंत्रता सेनानियों के कई वर्षों के कड़े संघर्ष के बाद ब्रिटिश संसद ने भारत को आजाद करने का फैसला किया था। संसद ने लॉर्ड माउंटबेटन (Lord Mountbatten) को 30 जून 1948 को भारत को सत्ता सौंपने का जिम्मा दिया था। लेकिन माउंटबेटन ने महीनों पहले भारत को आजाद करने का फैसला किया। इसके लिए 15 अगस्त 1947 का दिन चुना क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि और ज्यादा दंगे और खूनखराबा हो। माउंटबेटन ने भारत की आजादी के लिए 15 अगस्त का दिन इसलिए चुना क्योंकि दो साल पहले जापान ने इसी दिन दूसरे विश्व युद्ध में हथियार डाले थे। 15 अगस्त 1947 का दिन जापान के आत्मसमर्पण की दूसरी वर्षगांठ था।
भारत-पाकिस्तान की सीमा रेखा का निर्धारण
वह तारीख थी 15 अगस्त 1947, जिस दिन भारत और पाकिस्तान अलग-अलग राष्ट्र बने लेकिन उस दिन और समय भारत पाक दोनों देशों की सीमा कहां तक होगी ये स्पष्ट नहीं था। यह फैसला हुआ था 17 अगस्त 1947 को। जिस दिन ‘रेडक्लिफ लाइन’ की घोषणा की गइ। इसके साथ तय हुआ, जिसने भारत और पाकिस्तान की सीमाओं को आधिकारिक रूप से निर्धारित किया।
भारत का पहला ध्वज — लाल, पीला और हरा
भारत के राष्ट्रीय ध्वज की कल्पना 1906 में की गई थी। देश का पहला अनौपचारिक झंडा 7 अगस्त 1906 को कोलकाता के पास पारसी बागान चौक में कांग्रेस के अधिवेशन में फहराया गया। इसे स्वामी विवेकानंद की शिष्या भगिनी निवेदिता ने डिजाइन किया था। इसमें ऊपर से नीचे हरा, पीला और लाल रंग की तीन क्षैतिज पट्टियां थीं। आजादी से पहले देश के पास कोई आधिकारिक अपना राष्ट्रीय ध्वज था ही नहीं। देश के मौजूदा तिरंगे को 22 जुलाई 1947 के दिन संविधान सभा में अपनाया गया था।
राष्ट्रगान की घोषणा 1950 में
भारत 15 अगस्त 1947 को तो स्वतंत्र हो गया, लेकिन उस समय उसका कोई आधिकारिक राष्ट्रगान नहीं था। रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखा ‘जन-गण-मन’ 1911 में ही तैयार हो चुका था। हालांकि इसे 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान का दर्जा प्रदान किया गया।
15 अगस्त को अन्य देशों का स्वतंत्रता दिवस भी
भारत के अलावा कई देश 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं। दक्षिण कोरिया ने 15 अगस्त 1945 को जापान से आज़ादी पाई। बहरीन ने 15 अगस्त 1971 को ब्रिटेन से और कांगो ने 15 अगस्त 1960 को फ्रांस से स्वतंत्रता हासिल की। लिकटेंस्टीन ने 15 अगस्त 1866 को जर्मनी के कब्जे से मुक्ति पाई और 1940 से इस तारीख को अपना स्वतंत्रता दिवस मना रहा है।
1947 में लाल किले से झंडा 16 अगस्त को फहराया गया
स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले से झंडा फहराने की परंपरा 15 अगस्त 1947 से शुरू नहीं हुई थी। उस वर्ष पंडित नेहरू ने 16 अगस्त को लाल किले से झंडा फहराया। शोध के अनुसार, 15 अगस्त 1947 की सुबह राष्ट्रपति भवन (तत्कालीन वायसराय हाउस) पर पहली बार स्वतंत्र भारत का झंडा लहराया गया। इससे पहले संसद भवन (तब कौंसिल हाउस) और राष्ट्रपति भवन से ब्रिटिश ‘यूनियन जैक’ हटा दिया गया था।
दिलचस्प बात यह है कि उस दिन यूनियन जैक को औपचारिक रूप से उतारने का कार्यक्रम नहीं हुआ, क्योंकि अंतिम वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन और नेहरू ने यह तय किया कि इस दिन को केवल खुशी और उत्सव का प्रतीक बनाया जाए, ताकि ब्रिटेन की भावनाएं आहत न हों।
स्वतंत्र भारत के आर्थिक आंकड़े
15 अगस्त 1947 को एक भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के बराबर था, और सोने का भाव 88 रुपये 62 पैसे प्रति 10 ग्राम था।
आधी रात को मिली आज़ादी
भारत की स्वतंत्रता की घोषणा 14-15 अगस्त 1947 की आधी रात को हुई। 14 अगस्त की रात 11:57 बजे पंडित नेहरू ने संविधान सभा में अपना मशहूर भाषण “ट्रिस्ट विद डेस्टिनी” दिया।
रेडियो से पूरे देश को मिली आज़ादी की खबर
15 अगस्त 1947 की सुबह ऑल इंडिया रेडियो ने पहली बार पूरे देश में स्वतंत्रता की सूचना प्रसारित की।
पाकिस्तान 14 अगस्त को क्यों मनाता है स्वतंत्रता दिवस
पाकिस्तान 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है। पाकिस्तान के आधिकारिक दस्तावेज और उसके संस्थापक, मुहम्मद अली जिन्ना ने मूल रूप से स्वतंत्रता दिवस को मनाने के लिए 15 अगस्त वाली तारीख चाहते थे, लेकिन 1948 तक पाकिस्तान ने व्यावहारिक और प्रतीकात्मक कारणों से अपना जश्न 14 अगस्त को कर दिया था। इसका मुख्य कारण सत्ता हस्तांतरण समारोह के समय पर आधारित था। कराची में यह हस्तांतरण 14 अगस्त, 1947 को दिन में हुआ था। माउंटबेटन ने वहां समारोह की अध्यक्षता की और फिर 15 अगस्त को भारत की स्वतंत्रता का जश्न मनाने वाले आधी रात के समारोह की अध्यक्षता करने के लिए नई दिल्ली चले गए।
15 अगस्त का अन्य देशों में महत्व
दक्षिण कोरिया, बहरीन, कांगो और लिकटेंस्टीन जैसे देशों का भी स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को है।
लाल किले से झंडा फहराने का दिन
15 अगस्त 1947 को लाल किले से झंडा नहीं फहराया गया था। इसे 16 अगस्त को फहराया गया। राष्ट्रीय ध्वज पहली बार वायसराय लॉज (अब राष्ट्रपति भवन) में 15 अगस्त की सुबह 10:30 बजे फहराया गया।
आर्थिक तथ्य
15 अगस्त 1947 को 1 रुपये की कीमत 1 अमेरिकी डॉलर के बराबर थी। सोने का भाव 10 ग्राम पर 88.62 रुपए था।
पीएम मोदी की तिरंगा फहराने की परंपरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12वीं बार लाल किले से देश को संबोधित कर तिरंगा फहराया।। इस मामले में पंडित नेहरू के बाद वे तीसरे नंबर पर हैं।
सबसे लंबा भाषण
पीएम मोदी ने 2024 में लाल किले से 98 मिनट का भाषण देकर रिकॉर्ड बनाया।
आजादी की आधी रात
भारत की आजादी 14-15 अगस्त 1947 की आधी रात में घोषित हुई। नेहरू ने 14 अगस्त की रात 11:57 बजे भाषण दिया।
आजादी की खबर रेडियो से
15 अगस्त 1947 की सुबह ऑल इंडिया रेडियो ने स्वतंत्रता की खबर पूरे देश में प्रसारित की।





