वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के दौरान अभिनेता शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा ने ऐसा बयान दिया, जिसने वहां मौजूद सभी को हैरान कर दिया। भक्तिभाव से भरे इस मौके पर राज कुंद्रा ने महाराज को अपनी एक किडनी दान करने की इच्छा जताई। उनके इस भावुक प्रस्ताव पर न केवल वहां मौजूद लोग, बल्कि खुद शिल्पा भी कुछ क्षणों के लिए अवाक रह गईं। हालांकि प्रेमानंद महाराज ने इस पेशकश को स्वीकार नहीं किया और राज कुंद्रा को स्वस्थ और खुश रहने का आशीर्वाद दिया। इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
संत के चरणों में नतमस्तक राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी
वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम में राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी साधारण भक्तों की तरह जमीन पर बैठे नजर आए। दोनों ने हाथ जोड़कर संत से आशीर्वाद लिया और उनकी शिक्षाओं के प्रति आभार जताया। राज कुंद्रा ने बताया कि वह पिछले दो साल से महाराज के प्रवचनों को सुनते आ रहे हैं और कई बार उन्हें जीवन से जुड़े सवालों के जवाब इन्हीं के शब्दों से मिले हैं। इस दौरान उन्होंने महाराज के स्वास्थ्य की चिंता जताते हुए अपनी एक किडनी दान करने का प्रस्ताव रखा।

राज कुंद्रा – महाराज जी मैं आपको कुछ भेंट करना चाहता हूं…
प्रेमानन्द जी – क्या भेंट कर सकते हैँ??
राज कुंद्रा – महाराज जी मैं आपको अपनी एक किडनी भेंट करना चाहता हूं.
प्रेमानन्द जी – अरे नहीं, भगवान का बुलावा नहीं आया, ज़ब आएगा, तब देखेंगे..
बड़े लोग अपना शरीर तक दान करने को तैयार हो जाते हैँ… वीडियो देख लीजियेगा
किडनी दान की पेशकश और महाराज का जवाब
राज कुंद्रा की ओर से की गई किडनी दान की बात सुनकर वहां मौजूद भक्तों के साथ शिल्पा शेट्टी भी चौंक गईं। प्रेमानंद महाराज ने मुस्कुराते हुए इस प्रस्ताव को ठुकराया और कहा कि उनके लिए इतना ही काफी है कि लोग स्वस्थ और खुश रहें। उन्होंने कहा कि भौतिक वस्तुओं से अधिक महत्वपूर्ण है कि इंसान भगवान के नाम और सत्संग के मार्ग पर चले।
आध्यात्मिक संदेश और वायरल वीडियो
महाराज ने इस मौके पर कहा, “भगवान ने जो समय दिया है, उसका सही इस्तेमाल करो। संतों के वचनों को मानकर चलो, यही सच्चा लाभ है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अध्यात्म बिकने की वस्तु नहीं है और जो बिकता है, वह सच्चा अध्यात्म नहीं हो सकता। इस भावुक और प्रेरणादायक मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें लोग राज कुंद्रा की भावनाओं की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ उनकी आलोचना भी कर रहे हैं।





