भारत के डिजिटल पेमेंट सेक्टर की सबसे चर्चित कंपनियों में से एक Paytm को आखिरकार बड़ी राहत मिली है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इसकी सहयोगी कंपनी Paytm Payments Services Limited (PPSL) को ‘ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर’ के रूप में काम करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ न केवल Paytm के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया, बल्कि इसके संस्थापक विजय शेखर शर्मा भी सुर्खियों में आ गए।
अलीगढ़, उत्तर प्रदेश के एक छोटे से कस्बे से निकलकर देश के अरबपतियों की सूची में शामिल होना आसान नहीं था, लेकिन विजय शेखर शर्मा ने यह कर दिखाया। कभी आर्थिक संकटों से जूझने वाले शर्मा आज 75 हजार करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली कंपनी के मालिक हैं।
नवंबर 2022 में RBI ने Paytm के पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस को खारिज कर दिया था और कंपनी को विदेशी निवेश (FDI) नियमों का पालन करने के बाद दोबारा आवेदन करने के निर्देश दिए थे। उस समय Paytm के भविष्य को लेकर संदेह गहरा गया था, लेकिन आज तस्वीर बिल्कुल बदल चुकी है। कंपनी के शेयर 1,187 रुपये के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए हैं और मार्केट में निवेशकों का भरोसा फिर से लौट आया है।
इस पूरी कहानी में सबसे प्रेरणादायक पहलू यह है कि विजय शेखर शर्मा ने एक साधारण परिवार में जन्म लेकर, बिना किसी बड़े बिजनेस बैकग्राउंड के, कॉलेज के दिनों में ही अपने उद्यमशीलता के सपनों को आकार दिया। उन्होंने न केवल टेक्नोलॉजी में महारत दिखाई, बल्कि भारतीय उपभोक्ताओं के डिजिटल भुगतान के तरीके को भी हमेशा के लिए बदल दिया।
विजय शेखर शर्मा: अलीगढ़ से दिल्ली तक का सफर (240 शब्द)
विजय शेखर शर्मा का जन्म 7 जून 1978 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ज़िले के पास स्थित हरदुआगंज कस्बे में हुआ। उनके पिता एक स्कूल शिक्षक और मां गृहिणी थीं। बचपन से ही पढ़ाई में तेज रहे शर्मा ने 12वीं की परीक्षा महज 14 साल की उम्र में पास कर ली। इसके बाद उन्होंने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (अब दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी) में दाखिला लिया और सिर्फ 19 साल की उम्र में बी.टेक की डिग्री हासिल कर ली।
उन्होंने 2005 में मृदुला पाराशर शर्मा से शादी की और अब वे एक बेटे के पिता हैं। विजय अपनी सफलता का श्रेय मेहनत, तकनीकी समझ और सही समय पर बड़े फैसले लेने की क्षमता को देते हैं।
शुरुआती संघर्ष और पहला बिजनेस (240 शब्द)
कॉलेज के दिनों में विजय शेखर शर्मा ने 1997 में Indiasite.net नाम की वेबसाइट बनाई, जिसे उन्होंने दो साल बाद 10 लाख अमेरिकी डॉलर में बेच दिया। इसी पूंजी और अनुभव के दम पर उन्होंने 2000 में One97 Communications की नींव रखी, जो शुरुआत में मोबाइल पर न्यूज, क्रिकेट स्कोर, चुटकुले और परीक्षा परिणाम जैसी सेवाएं देती थी। उस दौर में इंटरनेट की पहुंच बेहद सीमित थी, लेकिन शर्मा को पता था कि भविष्य डिजिटल का है। यही सोच आगे चलकर Paytm का आधार बनी।
Paytm की शुरुआत और IPO का इतिहास (240 शब्द)
2010 में उन्होंने Paytm लॉन्च किया, जो शुरुआत में मोबाइल रिचार्ज और बिल पेमेंट प्लेटफॉर्म था। लेकिन 2014 के बाद डिजिटल वॉलेट, QR कोड पेमेंट और मर्चेंट सॉल्यूशंस के साथ Paytm तेजी से मार्केट लीडर बन गया।
नवंबर 2021 में Paytm का IPO आया, जो उस समय भारत का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफर था। कंपनी ने 2.5 अरब डॉलर जुटाए और 19 अरब डॉलर का वैल्युएशन हासिल किया। हालांकि, IPO के बाद शेयर में भारी गिरावट आई, लेकिन शर्मा ने हार नहीं मानी।
विजय शेखर शर्मा का करियर विवादों से अछूता नहीं रहा। फरवरी 2022 में उन्हें दिल्ली पुलिस ने एक मामूली सड़क हादसे में गिरफ्तार किया था, हालांकि बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
इसके अलावा, नवंबर 2022 में RBI के लाइसेंस रिजेक्शन के बाद कंपनी का भविष्य अधर में लटक गया था। मगर आज RBI की मंजूरी और शेयर मार्केट में जोरदार उछाल ने Paytm को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
शर्मा का मानना है कि असली जीत वही होती है, जो सबसे कठिन परिस्थितियों में हासिल की जाए—और आज उनकी सफलता इसका जीवंत उदाहरण है।





