मायावती ने ट्रंप की नीतियों के ख़िलाफ़ भारत सरकार को समर्थन देने की घोषणा की। ऐसा करने वाली पहली विपक्षी नेता
बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए जा रहे 25% टैरिफ के फैसले के खिलाफ मोदी सरकार का स्पष्ट समर्थन किया है। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था और गरीबों के हित को ध्यान में रखते हुए, इस अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच सरकार की प्रतिक्रिया को सकारात्मक माना और इसे देश की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का अवसर बताया। यह वह अनोखा उदाहरण है जब विपक्ष की एक प्रमुख नेता ने वैश्विक व्यापार विवाद में सरकार के रुख का समर्थन किया है।
ट्रम्प की टैरिफ नीति और मायावती का समर्थन
मायावती ने कहा कि ट्रम्प द्वारा भारत पर 25% टैरिफ लागू करने और रूस से तेल आयात पर जुर्माने की घोषणा चिंता बढ़ाने वाली है, लेकिन सरकार को इस चुनौती को अवसर में बदलना चाहिए उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे समय पर भारत को आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
विपक्ष के नेता का अनूठा रुख
अधिकांश विपक्षी नेता सरकार की विदेश नीति पर कटु आलोचना करते आए हैं, लेकिन मायावती ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय हितों में किसी भी नीति के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकार के विवेकपूर्ण निर्णय के पक्ष में खड़ी होंगी। यह स्थिति भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में विरोधी दल की पारंपरिक भूमिका से अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।
रीबी, बेरोज़गारी और महंगाई पर वृद्धि की चिंता
मायावती ने कहा कि ट्रम्प की टैरिफ नीति से भारत की गरीब और श्रमिक जनता—खासकर बहुजन समाज—पर प्रतिकूल प्रभाव हो सकता है। इसलिए सरकार को आर्थिक नीतियों में रोजगार, गरीब कल्याण व मुद्रास्फीति नियंत्रण पर प्राथमिकता देनी चाहिए
आत्म-सम्मान और वैश्विक दबाव में संतुलन
उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपनी आत्म-सम्मान को बनाए रखते हुए वैश्विक दबावों का सामना कर सकता है। केंद्र सरकार की इस तरह की चुनौतियों में ठोस और स्वावलंबी नीति अपनाने की सलाह ने राजनीतिक हलचल को नया आयाम प्रदान किया है।





