मार्केट में भारी गिरावट
31 जुलाई को घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर 25% टैरिफ लगाने और रूस से तेल खरीदने पर अतिरिक्त जुर्माना लगाने की चेतावनी के बाद निवेशकों की धारणा पर गहरा असर पड़ा। इसके परिणामस्वरूप, बीएसई सेंसेक्स 650.75 अंक गिरकर 80,831.11 पर और निफ्टी 197.55 अंक लुढ़ककर 24,657.50 पर आ गया।
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
सुबह 10:00 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 650.75 अंक गिरकर 80,831.11 पर और निफ्टी 197.55 अंक लुढ़ककर 24,657.50 पर पहुंच गया। इस भारी गिरावट के चलते बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 453.35 लाख करोड़ रुपये पर आ गया, जो पिछले दिन से करीब 5.5 लाख करोड़ रुपये कम है।
5.5 लाख करोड़ का घाटा
बाजार की गिरावट के कारण बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 5.5 लाख करोड़ रुपए घटकर 453.35 लाख करोड़ रुपए रह गया। यह गिरावट भारतीय बाजार के लिए एक चेतावनी है, जो सीधे तौर पर निवेशकों को प्रभावित कर रहा है। टैरिफ नीति से कंपनियों की कीमतों और लाभ में गिरावट हो सकती है।
किन सेक्टरों को सबसे ज्यादा झटका?
सबसे ज्यादा दबाव निफ्टी ऑटो पर देखा गया। इसके अलावा बैंकिंग, मेटल, फार्मा और रियल्टी सेक्टर भी लाल निशान में रहे। ट्रम्प के टैरिफ फैसले का सबसे बड़ा असर टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल और ऑटो कंपोनेंट्स जैसे एक्सपोर्ट-आधारित सेक्टरों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि इनका बड़ा हिस्सा अमेरिका को जाता है। यह भारत-अमेरिका ट्रेड डायलॉग को भी प्रभावित कर सकता है।
तेल और फेडरल रिजर्व के फैसले का असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन चेयरमैन जेरोम पॉवेल द्वारा सितंबर में रेट कट के संकेत न देने से बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। इसके अलावा, तेल की कीमतों में तेजी आई है और ब्रेंट क्रूड 73 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जो वैश्विक बाजार को और प्रभावित कर रहा है।





