यूपी के सीएम योगी ने दी हिदायत…कार्यों की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं होगी…जनप्रतिनिधियों संग विकास कार्यों की समीक्षा
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के समग्र विकास के संकल्प के तहत झांसी और चित्रकूट धाम मण्डल के जनप्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक का उद्देश्य महज योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों की स्थानीय समझ, अनुभव और अपेक्षाओं के आधार पर राज्य के दूरदराज क्षेत्रों की प्राथमिक समस्याओं को पहचानना और समाधान सुनिश्चित करना था। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जनप्रतिनिधि से उनके निर्वाचन क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, जनता की आकांक्षाओं और प्राथमिकताओं पर व्यक्तिगत संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बुन्देलखण्ड का समेकित विकास ‘नये उत्तर प्रदेश’ की बुनियाद
योजनाओं का समयबद्ध और ज़मीनी क्रियान्वयन ही हमारी पहचान
बैठक में प्रस्तुत आँकड़ों के अनुसार झांसी मण्डल (झांसी, जालौन, ललितपुर) से कुल 691 कार्य प्रस्तावित हुए हैं, जिनकी अनुमानित लागत 4,901 करोड़ रुपये है। चित्रकूट धाम मण्डल (बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट, महोबा) से 397 कार्य, जिन पर लगभग 3,875 करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित है। कुल मिलाकर दोनों मण्डलों से 1,088 विकास कार्य, जिन पर 8,776 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इनमें झांसी (1,916 करोड़) और बांदा (1,825 करोड़) प्रमुख रूप से अग्रणी जनपद हैं।
विकास की बहुआयामी योजनाएं
प्रस्तावित कार्यों में शामिल हैं
ब्लॉक मुख्यालयों तक कनेक्टिविटी सुधारना
इंटर-कनेक्टिविटी सड़कों का निर्माण
धार्मिक स्थलों तक पहुँच मार्ग
लॉजिस्टिक हब, बाईपास, ROB/अंडरपास, फ्लाईओवर
मेजर व माइनर ब्रिज, रोड सेफ्टी उपाय
सिंचाई अवसंरचना व पाण्टून ब्रिज
समन्वय, पारदर्शिता और समयबद्धता के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं न सिर्फ भौगोलिक बाधाओं को जोड़ेंगी, बल्कि स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री योगी ने लोक निर्माण विभाग, धर्मार्थ कार्य विभाग और नगर विकास विभाग को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर प्राथमिकताएं तय करें। परियोजनाओं को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें। नगर विकास विभाग किसी भी परियोजना का प्रस्ताव तैयार करने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन अवश्य ले। उन्होंने कहा कि हम केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका ज़मीनी क्रियान्वयन ही हमारी पहचान है।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका और जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यों की सतत निगरानी करें स्थानीय जनभावनाओं के अनुरूप योजनाओं को आकार देने में सक्रिय भूमिका निभाएं सरकार के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें, ताकि जन आकांक्षाओं के अनुरूप नीतियां तैयार की जा सकें।
इंटरस्टेट कनेक्टिविटी को मिलेगी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी इंटरस्टेट कनेक्टिविटी बेहतर करने की आवश्यकता है, वहां विधायकों की अनुशंसा के आधार पर उसे पहले चरण की कार्ययोजना में शामिल किया जाए। इससे बुन्देलखण्ड क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने में सहूलियत होगी।
गुणवत्ता, तकनीक और जवाबदेही — विकास की त्रिमूर्ति
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कार्यों की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं होगा। तकनीक का समुचित उपयोग कर कार्यों की निगरानी की जाएगी। हर योजना के लिए जवाबदेही तय की जाएगी ताकि योजनाएं सिर्फ कागजों में नहीं, ज़मीन पर भी दिखें।
बुन्देलखण्ड के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में ठोस कदम
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संवाद और समीक्षा बैठक बताती है कि बुन्देलखण्ड अब उपेक्षा की अंधेरी गलियों से निकलकर विकास के राजमार्ग पर चलने को तैयार है। जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी, योजनाओं की पारदर्शिता और सरकार की प्रतिबद्धता बुन्देलखण्ड को एक आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति केन्द्र में बदलने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। प्रकाश कुमर पांडेय





