सावन का दूसरा सोमवार: गूंजा ‘हर हर महादेव’…आज सूर्य का कर्क राशि में प्रवेश..बदल सकती है शिवकृपा से जीवन की दशा
सावन माह के दूसरे सोमवार को देशभर में शिव भक्तों की भारी भीड़ मंदिरों में उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिरों में ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों की गूंज सुनाई दी। भक्तों ने भगवान शिव की आरती, जलाभिषेक और विशेष अनुष्ठानों के साथ पूजा-अर्चना की। कई श्रद्धालु कांवड़ लेकर लंबी यात्राएं करते हुए शिवधाम पहुंचे। जिन भक्तों के लिए मंदिर जाना संभव नहीं था, उन्होंने घर पर ही मंत्र जाप और ध्यान के माध्यम से भगवान शिव की आराधना की। यह दिन शिवभक्ति, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। श्रावण सोमवार को भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है, जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।
- भगवान शिव को समर्पित है सावन माह
- हिंदू पंचांग के सबसे शुभ दिनों में से एक है सावन का सोमवार
- सावन के पवित्र महीने के आज है दूसरा सोमवार
- शिवालय में श्रद्धालु बड़ी संख्या में एकत्रित हुए
- गूंजे ‘हर हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयकारे
21 जुलाई सावन का दूसरा सोमवार:- सूर्य काआज कर्क राशि में प्रवेश
21 जुलाई 2025, सावन का दूसरा सोमवार है। इस दिन सूर्य का कर्क राशि में गोचर हो रहा है। यह ज्योतिष और शिव भक्ति दोनों दृष्टि से बहु त ही शुभ माना जाता है। आइए इसे एक साफ़ और प्रभावशाली रूप में हम आपको बताते हैं जिससे इसका महत्व और विधि दोनों स्पष्ट हो जाएं।
शिव कृपा से धन, स्वास्थ्य और बाधा मुक्ति के लिए विशेष उपाय
इस सोमवार को विशेष क्यों माना गया है?
सूर्य कर्क राशि में प्रवेश कर चुके होंगे, जिसे आयु, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जागरण से जोड़ा जाता है। साथ ही यह दिन सावन के दूसरे सोमवार के रूप में भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत फलदायक है। इस दिन किए गए उपाय धन की रुकावटें (ब्लॉकेज) दूर करते हैं और जीवन में नई ऊर्जा भरते हैं।
उपाय की संपूर्ण विधि
गाय के शुद्ध घी से शरीर की प्राइस (मालिश) करें। सुबह स्नान से पहले गाय के शुद्ध घी से शरीर की हल्की प्राइस करें। यह शरीर को सात्त्विक बनाता है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।
शिवलिंग पर जल अभिषेक करें
एक तांबे या मिट्टी के पात्र में गंगाजल, दूध और शहद मिलाएं।
इस मिश्रण से शिवलिंग पर अभिषेक करें।
जप करते रहें: “ॐ नमः शिवाय”
11 बिल्व पत्र चढ़ाएं – हर पत्ती पर ‘राम-राम’ बोलते हुए
11 ताजे बिल्व पत्र लें। हर पत्ते पर “राम-राम” उच्चारित करें और उन्हें भावपूर्वक शिवलिंग पर अर्पित करें। यह आपके मन, वाणी और कर्म — तीनों को शुद्ध करता है।
- यह उपाय क्यों प्रभावशाली है?
- धन ब्लॉकेज दूर करता है।
- स्वास्थ्य संबंधी कष्ट कम करता है।
- मन और आत्मा को शांति देता है।
- सूर्य और चंद्र की ऊर्जा संतुलित करता है।
- शिव कृपा से जीवन की दिशा बदल सकती है।
ध्यानपूर्वक संकल्प लें…अब शिव जी से प्रार्थना करें —“हे भोलेनाथ! इस सावन सोमवार, सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश के इस शुभ काल में, मेरी धन संबंधी सभी बाधाएं दूर करें, मुझे आरोग्य प्रदान करें और मेरे जीवन में शिव कृपा बनी रहे। —(प्रकाश कुमार पांडेय)





