सावन की दस्तक तेज बारिश और आंधी के साथ
सावन का महीना इस बार पूरे देश में जोरदार बारिश और तेज हवाओं के साथ शुरू हुआ है। मौसम विभाग IMD के अनुसार सावन के दूसरे दिन आज 12 जुलाई 2025 को देश के उत्तर, मध्य, दक्षिण और पूर्वी भागों में मध्यम से भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड जैसे राज्यों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने Weather department warning चेतावनी दी है कि Hill states पहाड़ी राज्यों – उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश – में अत्यधिक वर्षा के चलते लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की आशंका है। महाराष्ट्र, गुजरात, कोंकण और गोवा में भी मानसूनी बारिश जोर पकड़ रही है। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे कुछ जगहों पर जलजमाव और यातायात बाधित हो सकता है।
उत्तर भारत: दिल्ली, यूपी और बिहार में अलर्ट
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की वजह से जलजमाव, ट्रैफिक जाम और दैनिक जीवन में बाधाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि, किसान वर्ग इस बारिश से खुश है क्योंकि धान की रोपाई के लिए यह आदर्श समय है। उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने 12 से 14 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
बिहार में इस बार मानसून की गति कुछ धीमी है लेकिन 12 जुलाई से इसमें तेजी आने की उम्मीद है। पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, गया, भागलपुर और बांका जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। यदि मानसून की स्थिति बेहतर नहीं होती, तो धान समेत खरीफ फसलों पर प्रभाव पड़ सकता है। किसानों में इसको लेकर चिंता है।
पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का खतरा
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में 12 से 16 जुलाई के बीच तेज बारिश और भूस्खलन की स्थिति बनी रह सकती है। उत्तराखंड के चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और टिहरी जिलों में लगातार भारी बारिश के चलते प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश में किन्नौर, मंडी और कुल्लू जिले विशेष रूप से प्रभावित हैं। सड़कें बंद होने और बिजली आपूर्ति में बाधाएं आ रही हैं। जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह सिलसिला आगामी कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। बारिश के कारण रेलवे यातायात पर भी असर पड़ा है, जिससे कई ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट किया गया है।
पश्चिम और मध्य भारत: राजस्थान, एमपी, गुजरात में बिगड़े हालात
मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय है। भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर संभागों में भारी वर्षा हो रही है। नर्मदा और ताप्ती नदी जलस्तर बढ़ने की खबर है। किसानों के लिए यह बारिश लाभकारी है, खासकर मक्का और धान की फसलों के लिए।
गुजरात में सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्रों में 13-14 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा जैसे शहरों में पहले ही जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत: मानसून की व्यापक सक्रियता
पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा में 12 से 16 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है। विशेष रूप से चाय बागानों और कृषि उत्पादों पर इसका सकारात्मक असर पड़ सकता है। दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु में भी मानसूनी गतिविधियां तेज हो रही हैं। बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। कोंकण और गोवा में भी समुद्र में ऊंची लहरें उठने की चेतावनी दी गई है, इसलिए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भारी वर्षा का दौर लगातार जारी है। रायपुर, रांची, भुवनेश्वर में जनजीवन प्रभावित है। देशभर में मानसून अपने पूर्ण वेग से सक्रिय हो चुका है। जहां एक ओर यह बारिश किसानों के लिए खुशियां लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए जनता को सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्राएं न करने की सलाह दी गई है। राहत एवं बचाव एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता पहुंचाई जा सके।..(प्रकाश कुमार पांडेय)





