1 करोड़ 62 लाख रुपये का रिश्वतकांड…क्या होगी रावतपुरा सरकार की गिरफ्तारी ? सीबीआई ने की अब तक आधा दर्जन लोगों की गिरफ्तारी
सीबीआई ने देश भर के निजी मेडिकल कॉलेजों की मान्यता दिलाने में चल रहे बड़े भ्रष्टाचार का सीबीआई की ओर से पर्दाफाश किया गया है। इस मामले में देश के जाने माने संत रावतपुर सरकार के खिलाफ भी सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है। साथ ही कुल 35 लोागों को इस रिश्वतकांड में आरोपी बनाया गया है। सीबीआई का आरोप है कि रावतपुर सरकार ने मेडिकल कॉलेज मान्यता मामले गड़बड़ी की है। मामले में सीबीआई पहले 55 लाख की रिश्वत लेते 6 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में रावतपुरा सरकार के नाम से मशहूर रविशंकर महाराज सहित लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज किये जाने की जानकारी मिली है। इस रैकेट में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अधिकारी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अफसर और कई निजी मेडिकल कॉलेजों के डायरेक्टर और डॉक्टर इसमें शामिल हैं।
सीबीआई ने इस मामले में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनमें चार डॉक्टर और दो महिला कास्टेबल भी शामिल हैं। सूत्र बताते हैं कि यह पूरा मामला दरअसल करीब 1 करोड़ 62 लाख रुपये के रिश्वतकांड से संबंधित है। सीबीआई की ओर से पिछली 1 जुलाई 2025 को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के श्री रावतपुरा सरकार इंस्टट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च में छापा मारा था।
आरोप है कि कॉलेज के डायरेक्टर अतुल कुमार तिवारी ने संस्थान के पक्ष में रिपोर्ट बनवाने के लिए निरीक्षण टीम को ₹55 लाख की रिश्वत ऑफर की थी। यह ऑफर सीधे एनएमसी जांच दल की प्रमुख डॉक्टर मंजपा सीएन को दिया गया था। डॉक्टर मंजपा ने सतीश एए को हवाला ऑपरेटर से पैसे इकट्ठा करने के निर्देश दिए जिसके बाद सीबीआई ने पूरे मामले का भंडाफोड़ किया। आरोपियों की एक लंबी फहरिस्त है। प्रमुख आरोपियों में शामिल रविशंकर महाराज यानी रावतपुरा सरकार अतुल कुमार तिवारी डायरेक्टर रावतपुरा सरकार डॉक्टर अतिन कुंडू रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज डॉक्टर संजय शुक्ला शिवानी व्रत आईएफएस और रेरा अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण चंद्राकर अकाउंटेंट रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज मयूर रावल रजिस्ट्रार गीतांजलि यूनिवर्सिटी उदयपुर राजस्थान आर रणदीप नायर प्रोजेक्ट हैक टेक इनफी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली डॉ.मंजूपा सीएन प्रोफेसर और एचओडी कर्नाटक डॉक्टर जीतूलाल मीणा संयुक्त निदेशक एवं डिवीजन प्रमुख नई दिल्ली मंत्रालय के अधिकारियों में भी कई नाम शामिल हैं।
जिसमें पूनम मीणा धर्मवीर पीयूष माल्यान अनूप जायसवाल राहुल श्रीवास्तव चंदन कुमार दीपक कुमार जैसे नाम इसमें शामिल है। एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण नई दिल्ली के संयुक्त निदेशक डॉक्टर जीतूलाल मीणा ने 75 लाख रुपये की रिश्वत से राजस्थान के सवाई माधोपुर में एक हनुमान मंदिर का निर्माण करवाया था। इतना ही नहीं विशाखापट्टनम के गायत्री मेडिकल कॉलेज को भी मान्यता दिलाने के नाम पर 5 करोड़ रुपये की रिश्वत ली गई थी। जिसे हवाला के जरिए दिल्ली भेजा गया था। आरोप यह भी है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी गोपनीय जानकारी निजी कॉलेजों तक पहुंचाते थे ताकि वह निरीक्षण से पहले फर्जी तैयारी कर सकें। इसमें फर्जी फैकल्टी की नियुक्ति और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड में हेरफेर जैसे गंभीर फर्जीवाड़े शामिल है। इस बड़े खुलासे के बाद श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कारवाई की संभावना जताई जा रही है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग इस मामले में सख्त कारवाई की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि इस साल कॉलेज के लिए जीरो ईयर घोषित हो सकता है। जिसका मतलब है कि इस साल फर्स्ट ईयर में कोई एडमिशन नहीं होगा।





