नालंदा संवाददाता, 22 जून 2025 : बिहार के नालंदा जिले में फल्गू नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। झारखंड में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण फल्गू नदी उफान पर है, जिससे हिलसा, करायपरसुराय और एकंगरसराय प्रखंडों के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं।
राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग (DMD) के मुताबिक, 19 जून को उदेरास्थान बैराज (जहानाबाद) से लगभग 73,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे फल्गू नदी में जलस्तर अचानक काफी बढ़ गया। इस वजह से कई छोटे बांधों के हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं और निचले इलाकों में पानी घुस गया है।
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में दहशत का माहौल
तीन प्रमुख प्रखंड – हिलसा, करायपरसुराय और एकंगरसराय सबसे अधिक प्रभावित
बेलदारी बिगहा (एकंगरसराय) – सर्वाधिक प्रभावित गांव
ग्रामीणों में भय का माहौल
लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं
खेत, घर, स्कूल और बाजारों में घुटनों तक पानी भर गया है
राहत एवं बचाव कार्य जारी
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की दो टीमें मौके पर तैनात। राहत कैंप और टेंट लगाए गए हैं, जिनमें प्रभावितों को भोजन, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा दी जा रही है।। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों से संपर्क में है और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से नदियों और जलाशयों के किनारे न जाने की अपील की है और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से तुरंत संपर्क करने को कहा है।
प्रशासन की चेतावनी और तैयारियां
नालंदा के जिलाधिकारी ने कहा “हम स्थिति पर पूरी तरह नजर रखे हुए हैं। पानी के बहाव को देखते हुए और राहत शिविरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। सभी प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है।” स्थानीय प्रशासन ने स्कूलों को अस्थायी राहत शिविर में बदल दिया है और संवेदनशील क्षेत्रों में नावों और मेडिकल टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
बाढ़ का मुख्य कारण: झारखंड में लगातार बारिश
इस बार मानसून की शुरुआत के साथ ही झारखंड में रिकॉर्ड स्तर पर वर्षा दर्ज की गई है। फल्गू नदी का जलस्तर इसी कारण अचानक बढ़ा, जिससे नालंदा जैसे निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। बिहार में मानसून की दस्तक के साथ ही नालंदा में बाढ़ का खतरा वास्तविक रूप ले चुका है। प्रशासन अलर्ट मोड में है, लेकिन हालात गंभीर बने हुए हैं। अब देखना होगा कि राहत कार्य कितनी तेजी से होता है और प्रशासन आपदा को किस हद तक संभाल पाता है। ….(प्रकाश कुमार पांडेय)





