भारत की रक्षा और एविएशन उद्योग में एक बड़ा मील का पत्थर जुड़ा है। कारोबारी अनिल अंबानी की कंपनी Reliance Infrastructure की ओर से फ्रांस की प्रसिद्ध विमान निर्माता Dassault Aviation के साथ मिलकर साझेदारी करते हुए बड़ा ऐलान किया है। कहा गया है कि अब Falcon 2000 बिजनेस जेट्स भारत में ही निर्मित होंगे। महाराष्ट्र नागपुर में इस साझेदारी के तहत Falcon 2000 की फाइनल असेंबली लाइन स्थापितt की जाएगी।
क्या बोले अमिताभ बच्चन?
बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने इस ऐतिहासिक सहयोग पर खुशी जताते हुए अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा। “एक गर्व का पल.. बधाई हो… जय हिंद! उनका यह भाव भारत में मेक इन इंडिया के तहत हो रहे इस बड़े प्रोजेक्ट को लेकर उत्साह और राष्ट्रगौरव का प्रतीक बना।
क्या है खास इस साझेदारी में?
यह पहली बार होगा जब Dassault कंपनी फ्रांस के बाहर अपने Falcon जेट्स का निर्माण करेगी। भारत आज ऐसे चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है जो बिजनेस जेट्स का निर्माण करते हैं। इन देशों में अमेरिका, फ्रांस, कनाडा और ब्राज़ील का नाम शामिल है। अब इनके साथ भारत का भी नाम जुड़ गया है।
यह होगा पहला ‘मेड इन इंडिया’ Falcon 2000 जेट
यह जेट 2028 तक उड़ान भरेगा। इन विमानों का उपयोग कॉर्पोरेट और सैन्य दोनों क्षेत्रों में किया जाएगा।
क्या होगा नागपुर में?
नागपुर में DRAL यानी Dassault Reliance Aerospace Ltd. की MIHAN, इकाई में फाइनल असेंबली लाइन स्थापित होगी। भविष्य में यहां Falcon 6X और Falcon 8X जैसे उच्च श्रेणी के जेट्स का निर्माण भी संभव होगा। इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और भारत के एविएशन सेक्टर को वैश्विक पहचान मिलेगी।
‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मिलेगा बल
अनिल अंबानी और Dassault CEO एरिक ट्रैपियर ने कहा कि यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री मोदी के ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को सशक्त करता है। यह डील न केवल भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी, बल्कि भारत को एक वैश्विक एयरोस्पेस केंद्र के रूप में भी स्थापित करने में मदद करेगी।
भारत में जेट निर्माण का ऐतिहासिक फैसला
पहली बार फ्रांस के बाहर Dassault अपने Falcon जेट्स का निर्माण कर रहा है। भारत अब अमेरिका और फ्रांस के साथ ही कनाडा और ब्राजील जैसे देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है। यह सभी देश बिजनेस जेट्स बनाते हैं।
नागपुर में असेंबली लाइन और रोजगार सृजन
DRAL की MIHAN यूनिट में फाइनल असेंबली लाइन बनेगी। अगले कुछ वर्षों में सैकड़ों इंजीनियर और तकनीशियन नियुक्त होंगे। DRAL अब तक 100 से अधिक Falcon 2000 के उप-भाग (sub-sections) बना चुका है।’मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मिलेगी रफ्तार। यह प्रोजेक्ट भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगा। अनिल अंबानी और Dassault CEO एरिक ट्रैपियर ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ के सपने को साकार करेगा। ….(प्रकाश कुमार पांडेय)





