G7 समिट में भारत की प्रभावशाली उपस्थिति
कनाडा के अल्बर्टा प्रांत के कननास्किस में तीन दिनों तक चले G7 समिट का भव्य समापन हो गया। इस समिट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गेस्ट नेशन के प्रतिनिधि के तौर पर हिस्सा लिया। समिट में वैश्विक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक अर्थव्यवस्था, और रणनीतिक सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा हुई, जिसमें भारत की भागीदारी ने अहम भूमिका निभाई।
प्रधानमंत्री मोदी ने समिट के दौरान कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों से द्विपक्षीय मुलाकातें कीं। इन बैठकों में भारत के वैश्विक संबंधों को और मजबूत बनाने का संदेश साफ नजर आया। मोदी की उपस्थिति ने भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय कद को फिर से रेखांकित किया।
PM मोदी और मेलोनी की मुलाकात: दोस्ती और साझेदारी पर फोकस
G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से हुई। दोनों नेताओं के बीच बेहद आत्मीयता देखने को मिली। मेलोनी ने कहा कि भारत और इटली के बीच “गहरी दोस्ती” है, और दोनों देश मिलकर वैश्विक मंच पर शांति, विकास और सहयोग को बढ़ावा दे सकते हैं।
मोदी और मेलोनी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिनमें दोनों नेता मुस्कुराते और सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत करते दिखाई दिए। यह दर्शाता है कि भारत और इटली के संबंध राजनीतिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक स्तर पर लगातार मजबूत हो रहे हैं।
भारत-कनाडा संबंधों में नई पहल: उच्चायुक्तों की बहाली का फैसला
PM मोदी की मुलाकात कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से भी हुई, जो दोनों देशों के बीच पहली द्विपक्षीय बैठक थी। मुलाकात सौहार्दपूर्ण रही और दोनों नेताओं ने रिश्तों में आई खटास को पीछे छोड़ते हुए भविष्य की ओर बढ़ने का संकेत दिया।
इस बैठक का सबसे बड़ा निष्कर्ष था—भारत और कनाडा द्वारा उच्चायुक्तों की बहाली का निर्णय। दोनों देशों ने राजनयिक रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यह पहल दोनों देशों के लिए व्यापार, शिक्षा और आपसी सहयोग के नए द्वार खोल सकती है।
प्रकाश कुमार पांडेय





