ईरान पर इजरायल का बड़ा अटैक…. दर्जनों मिलिट्री और न्यूक्लियर साइट्स किये तबाह
ईरान पर इजरायल ने बड़ा हमला कर दिया है। इजरायली सेना की ओर से ईरान की राजधानी तेहरान में जमकर बमबारी की गई। इसके अतिरिक्त इजरायल की सेना ने ईरानी आर्मी के ठिकानों और उसके न्यूक्लियर ठिकानों पर भी हमला किया है। इज़रायल की ओर से आज शुक्रवार सुबह इस संबंध में जानकारी साझाा की गई और कहा है कि उसने ईरान पर हमला किया है। वहीं ईरानी मीडिया ने बताया कि तेहरान में विस्फोटों की आवाज सुनी गईं हैं।
इज़रायल की ओर से कहा गया है कि वह तेहरान द्वारा मिसाइल और ड्रोन हमले की आशंका में आपातकाल की स्थिति घोषित कर रहा है। इज़रायली सैन्य अधिकारी ने यह भी कहा है कि इज़रायल “दर्जनों” परमाणु और सैन्य टारगेट पर हमला कर रहा है।
खतरनाक मोड़ पर पहुंचा युद्ध…ईरान-इजराइल युद्ध
- नतांज परमाणु ठिकाना तबाह
- इज़राइल की ओर से दिया गया “Operation Rising Lion” नाम
- लगभग 200 लड़ाकू विमानों ने लगभग 100 लक्ष्यों को निशाना बनाया
- तेहरान और विभिन्न सैन्य अड्डों पर बमबारी
- बास्केट मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के प्रतिष्ठान
- नतांज में लगे यूरेनियम संवर्धन के संयंत्र
ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष अब खतरनाक मोड़ पर जा पहुंचा है। आज शुक्रवार 13 जून 2025 को इजराइल की ओर से ईरान की कई परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमले किये गये। इन हमलों में सबसे बड़ा झटका ईरान स्थित नतांज एनरिचमेंट फैसिलिटी को लगा है। जिसे पूरी तरह तबाह करने का दावा किया जा रहा है। ईरान के एटॉमिक एनर्जी प्रमुख की ओर से खुद इस बात की पुष्टि भी की गई है कि नतांज रिएक्टर अब नहीं बचा।
इजरायली हमले में मारे गए ईरान के Revolutionary Guards चीफ कमांडर हुसैन सलामी। ईरानी मीडिया ने स्वयं इस बात की पुष्टि की है।
ईरान के एटॉमिक एनर्जी प्रमुख ने पुष्टि की है कि अब नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी अस्तित्व में नहीं है। हमले में दो प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक और ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के कमांडर इन चीफ़ हुसैन सलामी भी मारे गए। नतांज पर इजराइल के लड़ाकू विमानों ने भूमिगत बंकरों को भी निशाना बनाया, जिससे कई कैस्केड्स और सेंट्रीफ्यूज सिस्टम बर्बाद हो गए।
नेतन्याहू ने जताया ट्रंप का आभार
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह कार्रवाई ईरान के परमाणु बम निर्माण प्रयासों को रोकने के लिए थी। उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया। जिन्होंने इस कार्रवाई को नैतिक समर्थन दिया।
मुख्य परिणाम और हताहत संख्या
Hossein Salami, IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) के कमांडर‑इन‑चीफ, और Maj Gen Mohammad Bagheri (इरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ) सहित कई वरिष्ठ जनरल मारे गए। दो प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक Fereydoun Abbasi‑Davani और Mohammad Mehdi Tehranchi के भी हमले में मारे जाने का किया गया दावा।
नतांज फैसिलिटी का क्षय
नतांज परमाणु संवर्धन संयंत्र की गहरी भूमिगत संरचनाओं को पूरी तरह निशाना बनाकर बीजिंग किया गया – इसे पूरी तरह तबाह बताया जा रहा है। इज़राइल ने कहा: “हमने ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम के दिल को निशाना बनाया”। प्रधानमंत्री नेतन्याहू की पुष्टि । इज़राइल इस हमले को आत्मरक्षा कहते हुए, “मौजूदा परमाणु खतरे से निजात” बताया। संयुक्त राज्य अमेरिका ने इसमें भागीदारी से स्पष्ट दूरी बनाए रखी, लेकिन अपनी सेनाओं की सुरक्षा की गारंटी भी दी। इज़राइल के आक्रमण के तुरंत बाद, 100+ ड्रोन ईरान द्वारा इज़राइल की ओर छोड़े गए। जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया। तेल की कीमतों में 6% से अधिक उछाल आया क्योंकि मध्य-पूर्व की स्थिति और खतरनाक होती जा रही है।
इज़राइल ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया और इमरजेंसी घोषित कर दी। ईरान ने बदले की धमकी दी है और हमले का जवाब चक्रवात की तरह तेज़ प्रतिक्रिया देने का ऐलान किया है। यह हमले अब तक इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए सबसे बड़े और लक्षित हवाई अभियान कहलाए जा रहे हैं। इसमें Iran के सैन्य व परमाणु प्रतिष्ठानों को भारी क्षति पहूँचाई गई, और वरिष्ठ जनरल व वैज्ञानिकों की हत्या क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।…(प्रकाश कुमार पांडेय)





