केन्द्र की मोदी सरका कर रही मंथन…! लाखों पेंशनर्स को 3 साल पहले मिल सकता है पूरी पेंशन का लाभ …
केन्द्र की मोदी सरकार 8वें वेतन आयोग 8th Pay Commission से पहले सरकारी कर्मचारियों की एक बड़ी पेंशन संबंधी मांग को लेकर मंथन कर रही है। केंद्र सरकार की ओर से गंभीरता से विचार में लिए जाने के संकेत मिले हैं। यह मांग कम्युटेशन की अवधि को 15 साल से घटाकर 12 साल करने से जुड़ी है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो लाखों पेंशनर्स को 3 साल पहले पूरी पेंशन मिलने का लाभ मिल सकता है।
क्या है कम्युटेड पेंशन और क्यों है यह मुद्दा?
जब कोई सरकारी कर्मचारी रिटायर होता है, तो उसे पेंशन का एक हिस्सा एकमुश्त (lump sum) लेने का विकल्प मिलता है। इस प्रक्रिया को कम्युटेशन कहते हैं। इसके बाद सरकार उस रकम की 15 साल तक कटौती करके उसे “रिकवर” करती है ।
कुल पेंशन का 40% हिस्सा रोक लिया जाता है
15 साल तक उसी में से मासिक रूप से रकम काटी जाती है
इसके बाद 16वें साल से पूरी पेंशन मिलने लगती है
हकीकत में सरकार की यह वसूली (recovery) 11–12 साल में ही पूरी हो जाती है। इसलिए कर्मचारी लंबे समय से कह रहे हैं कि 15 साल का इंतज़ार गलत है, पूरी पेंशन 12 साल बाद ही शुरू की जाए।
क्या कहती है सरकार और वेतन आयोग?
SCOVA की बैठक (34वीं मीटिंग) में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भरोसा दिलाया कि इस मांग पर विचार होगा। इसे 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference (ToR) में शामिल किया जा सकता है। 5वें वेतन आयोग ने भी कम्युटेशन अवधि 15 से घटाकर 12 साल करने की सिफारिश की थी। कुछ राज्य सरकारें पहले से ही इसे लागू कर चुकी हैं।
कर्मचारियों के लिए क्या बदलेगा?
पहलू अभी की व्यवस्था प्रस्तावित व्यवस्था
कम्युटेड पेंशन की अवधि 15 साल 12 साल
पूरी पेंशन मिलने की शुरुआत 16वें साल से 13वें साल से
कर्मचारी को लाभ 3 साल पहले पूरी पेंशन
संभावित फायदे —आर्थिक राहत: पेंशनर्स को 3 साल पहले पूरी पेंशन मिल सकेगी। न्यायसंगत रिकवरी: वसूली अगर 11–12 साल में हो जाती है तो 15 साल तक रुकावट अनावश्यक है।
बढ़ती उम्र में राहत… रिटायर व्यक्ति के लिए अतिरिक्त आय उपयोगी हो सकती है, खासकर 70+ की उम्र में। सरकार की ओर से जो सकारात्मक संकेत मिले हैं, उससे यह संभावना बढ़ गई है कि 8वें वेतन आयोग में कम्युटेशन अवधि घटाने का फैसला लिया जा सकता है। यदि ऐसा हुआ, तो यह सरकारी पेंशनधारकों के लिए एक बड़ा सुधारात्मक कदम होगा।….(प्रकाश कुमार पांडेय)





