बिहार में हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए नीतीश कुमार सरकार ने पहल की है। राज्य में 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर शनिवार 5 जून 2025 से पौधारोपण अभियान का आगाज होगा। इसकी तैयारी को लेकर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव हरजोत कौर बम्हरा की और से सभी जिलों के डीएम को इस संबंध में निर्देश दिये है।
अभियान के लिए बड़ी संख्या में अलग अलग प्रजातियों के पौधों को विभागीय पौधशाला के साथ जीविका दीदी पौधशाला और किसान पौधशाला में तैयार कर लिया गया है। राज्य में ऐसी अधिकृत पौधशालाओं की संख्या करीब 268 है।
बिहार में नीतीश सरकार हरित पहल
राज्य में 5 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य
5 जून से बड़े अभियान का होगा आगाज
बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार को लेकर बिहार सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिसमें 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। यह विशाल पौधारोपण अभियान शनिवार 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुरू होगा। अपर मुख्य सचिव हरजोत कौर बम्हरा ने सभी जिलाधिकारियों से अभियान को सुनियोजित और सामूहिक प्रयास से सफल बनाने की अपील की है।
268 अधिकृत पौधशालाएं तैयार
इस अभियान के लिए राज्यभर में 268 अधिकृत पौधशालाएं तैयार की गई हैं। जिनमें विभागीय पौधशालाएं और जीविका दीदी पौधशालाएं और किसान पौधशालाएं शामिल हैं। इनमें कई अलग अलग प्रजातियों के पौधों को तैयार किया गया है। ताकि विविधता और स्थानीय पर्यावरणीय अनुकूलता को सुनिश्चित किया जा सके।
66 किस्मों के पौधों का रोपण किया जाएगा
अभियान के तहत जिन प्रमुख प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे उनमें शामिल हैं।
काला शीशम, नीम, पीपल, पाकड़, सागवान, साल, महोगनी, महुआ, शरीफा, शहतूत, कनक चंपा, पुत्रजीव, मौलाश्री, सहजन, कटहल, खैर, कुसुम, सेमल आदि शामिल है। इन प्रजातियों का चयन जलवायु सहनशीलता, औषधीय गुण, छाया प्रदान करने की क्षमता के साथ ही जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
सामूहिक सहभागिता होगी अभियान की ताकत
इस पौधारोपण अभियान को जनांदोलन बनाने की दिशा में सरकार ने कई सामाजिक और संस्थागत भागीदारों को जोड़ा है।
जीविका दीदी समूह
किसान
गैर सरकारी संगठन
अर्धसैनिक बल
विद्यालयों के छात्र-छात्राएं
सभी प्रतिभागियों को स्थानीय स्तर पर पौधारोपण के साथ उनका रख-रखाव और संरक्षण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
5 जून से 5 करोड़ हरियाली की ओर एक कदम
विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून से शुरू होकर यह अभियान एक लंबी अवधि तक चलेगा। ताकि लक्ष्यबद्ध तरीके से राज्य में हरित आवरण को बढ़ाया जा सके और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में सहयोग मिल सके।
यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बिहार सरकार का मजबूत संकल्प है, बल्कि स्थानीय आजीविका, सामुदायिक भागीदारी और जैव विविधता को पुनर्स्थापित करने का भी एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है।
इस विशेष अभियान में काला शीशम, कनक चंपा, कटहल, खैर, क्रंज, कुसुम, महोगनी, महुआ, मालेश्वरी, मौलाश्री, नीम, पाकड़, पीपल, पुत्रजीव, सागवान, साल, सहजन, सेमल, शहतूत, शरीफा, शीशम समेत 66 किस्म के पौधे लगाए जाएंगे। अभियान में विभाग के साथ-साथ जीविका दीदी, किसान, गैर सरकारी संगठन, अर्धसैनिक बल और स्कूल के छात्र-छात्राओं की भी सक्रिय सहभागिता होगी।




