प्रधानमंत्री लोकमाता देवी अहिल्याबाई को समर्पित एक स्मारक डाक टिकट और एक विशेष सिक्का भी जारी किया। 300 रुपये का यह सिक्का खास है, जिस पर अहिल्याबाई होल्कर का चित्र है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आदिवासी, लोक और पारंपरिक कलाओं में योगदान के लिए महिला कलाकार को राष्ट्रीय देवी अहिल्याबाई पुरस्कार भी प्रदान किया।
एमपी को सौगात…आपरेशन सिंदूर पर भी बात
भोपाल में PM मोदी का रोड शो
महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में शामिल हुए पीएम
ग्रैंड वेलकम के बीच पीएम मोदी का सिंदूरी स्वागत
इंदौर मेट्रो को भी पीएम मोदी ने दिखाई हरीझंडी
दतिया और सतना को मिली एयरपोर्ट की सौगात
अहिल्याबाई की 300वीं जयंती पर सम्मेलन का आयोजन
भोपाल में पीएम नरेन्द्र मोदी का रोड शो
नारी शक्ति के बीच पीएम मोदी का सिंदूरी स्वागत
भोपाल के जंबूरी मैदान में लहराए हजारों तिरंगे
महिला सशक्तिकरण पर लगी प्रदर्शनी
पीएम मोदी ने किया बारीकी से निरीक्षण
पीएम ने देखा और वहां मौजूद महिलाओं से भी बात की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भोपाल में लोकमाता देवी अहिल्याबाई महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में शामिल हुए। यह आयोजन जंबूरी मैदान में किया गया। जहां से प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सशक्तिकरण का मजबूत संदेश दिया। भोपाल पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने एक रोड शो भी किया। जिसमें पीएम ने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान प्रधानमंत्री के साथ गाड़ी पर राज्य के सीएम डॉ.मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी मौजूद रहे। रोड शो का समापन जंबूरी मैदान में हुआ। जहां से प्रधानमंत्री जनसभा को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल की धरती से भारत की नारी शक्ति को प्रणाम करते हुए कहा आज लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 320 जयंती है। 140 करोड़ भारतीयों के लिए यह अवसर प्रेरणा का है। राष्ट्र निर्माण के लिए हो रहे भागीरथ प्रयासों में अपना देश अपना योगदान देने का है। देवी अहिल्याबाई कहती थीं शासन का सही अर्थ जनता की सेवा करना और उनके जीवन में सुधार लाना होता है। आज का कार्यक्रम उनकी सोच को आगे बढ़ता है। आज इंदौर मेट्रो की शुरुआत हुई है। दतिया और सतना भी अब हवाई सेवा से जुड़ गए हैं। यह सभी प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश में सुविधा बढ़ाएंगे। विकास को गति देंगे और रोजगार के कई अवसर बनेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि वह आज इस पवित्र दिवस पर विकास के इन सारे कामों के लिए आप सबको पूरे मध्य प्रदेश को बहुत-बहुत बधाई देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर यह नाम सुनते ही मन में श्रद्धा का भाव बढ़ता है। उनके महान व्यक्तित्व के बारे में बोलने के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं। देवी अहिल्याबाई प्रतीक हैं कि जब इच्छा शक्ति होती है दृढ़ प्रतिज्ञ होती है तो परिस्थितियों कितनी विपरीत क्यों ना हो परिणाम लाकर दिखाया जा सकता है।
पीएम ने कहा 300 साल पहले जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। उसे समय ऐसे महान कार्य कर जाना कि वह आने वाली अनेक पीढ़ियां उसकी चर्चा करें। यह कहना आसान है करना आसान नहीं था। साथियों लोकमाता अहिल्याबाई ने प्रभु सेवा और जन सेवा इसे कभी अलग नहीं माना कहते हैं। हमेशा शिवलिंग अपने साथ लेकर चलती थी। उसे चुनौती पूर्ण कालखंड में एक राज्य का नेतृत्व कांटों से भर तक कोई कल्पना कर सकता है। कांटों से भरे ताज पहने जैसा यह काम लेकिन लोकमाता अहिल्याबाई ने अपने राज्य की समृद्धि को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने गरीब से गरीब को समर्थ बनाने के लिए काम किया।
देवी अहिल्याबाई भारत की विरासत की बहुत बड़ी संरक्षक थी। जब देश की संस्कृति पर हमारे मंदिरों हमारे तीर्थ स्थलों पर हमले हो रहे थे तब लोकमाता ने उन्हें संरक्षित करने का बीड़ा उठाया। उन्होंने काशी विश्वनाथ सहित पूरे देश में अनेकों मंदिरों का तीर्थ का पुनर्निर्माण किया। पीएम ने कहा यह उनका सौभाग्य है कि जो काशी में लोकमाता अहिल्याबाई ने विकास के इतने काम किये उस काशी ने उन्हें भी सेवा का अवसर दिया है। आज अगर आप काशी विश्वनाथ महादेव के दर्शन करने जाएंगे तो वहां आपको देवी अहिल्याबाई की मूर्ति भी मिलेगी। साथियों माता अहिल्याबाई ने गवर्नेंस का एक ऐसा उत्तम मॉडल अपनाया। जिससे गरीबों और वंचितों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई। रोजगार के लिए उद्यम बढ़ाने के लिए उन्होंने कई योजनाओं को प्रारंभ किया। लोकमाता अहिल्याबाई ने कृषि और वनों पर आधारित कुटीर उद्योग और हस्तकला को प्रोत्साहित किया। खेती को बढ़ावा देने के लिए छोटी-छोटी नहरों का जाल बिछाया उन्हें विकसित किया। उस जमाने में 300 साल पहले यह काम अहिल्याबाई ने किया और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए होना कितने ही तालाब बनाएं और आज हम भी लगातार कह रहे हैं। बारिश की एक-एक बूंद के पानी को बचाओ ।देवी अहिल्या जी ने ढाई सौ 300 साल पहले हमें यह काम बताया था। किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्होंने कपास और मसाले की खेती को प्रोत्साहित किया। आज ढाई सौ 300 साल के बाद भी हमें बार-बार किसानों को कहना पड़ता है कि क्रॉप ड्राइवर्ट बहुत जरूरी है। हम सिर्फ धान की खेती करके या गन्ने की खेती करके सफल नहीं हो सकते। देश की जरूरत को पूरा करने के लिए हमें अलग अलग फसलों को उगाना होगा।
देवी अहिल्याबाई हुनर की पर की थी। वे गुजरात के जूनागढ़ से उन परिवारों को महेश्वर लेकर आई और उन परिवारों को साथ जोड़कर के ढाई सौ 300 साल पहले महेश्वरी साड़ी का काम शुरू किया जो आज भी कई परिवारों का जीवन निर्वाह का काम बन गया है। जिससे हमारे बुनकरों को फायदा हुआ।
देवी अहिल्याबाई को कई बड़े सामाजिक सुधारों के लिए हमेशा याद किया जाएगा। आज अगर बेटियों की शादी की उम्र के चर्चा करें तो देश में कुछ लोगों को सेकुलरिज्म खतरे में दिखता है। उनको लगता है यह हमारे धर्म के खिलाफ है। यह देवी अहिल्या ने मातृशक्ति के गौरव के लिए उसे जमाने में बेटियों की शादी की उम्र के लिए काम किया।
देवी अहिल्या ने महिलाओं को संपत्ति का अधिकार दिया। विधवा महिलाओं के पुनर्विवाह की पहल की जबकि उस दौर में यह बातें करना भी बहुत मुश्किल था लेकिन देवी अहिल्याबाई ने इन समाज सुधारों को भरपूर समर्थन दिया। उन्होंने मालवा की सेवा में महिलाओं की एक विशेष टुकड़ी भी बनाई। जो पश्चिमी दुनिया दुनिया को पता नहीं है, हमें कोसते रहते हैं।
इससे पहले सीएम डॉ.मोहन यादव ने कहा ‘प्रधानमंत्री का मध्य प्रदेश दौरा महारानी अहिल्याबाई को समर्पित है। महारानी अहिल्याबाई के माध्यम से हम महिला सशक्तिकरण के अपने संकल्प को पूरा करना चाहते हैं। जिस तरीके से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी काम कर रहे हैं, उन्हें विश्वास है कि वे महारानी अहिल्याबाई के दिखाए रास्ते पर अपना प्रशासन चला रहे हैं।…(प्रकाश कुमार पांडेय)





