केजरीवाल और सोरेन के बाद अब सिद्धारमैया का नंबर …जानें गवर्नर ने किस मामले में दी केस चलाने की मंजूरी…!
देश में सीएम के खिलाफ मामला दर्ज होने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ ED शराब घोटाले को लेकर जांच कर रही है। वही झारखंड के हेमंत सोरेन के खिलाफ भी भ्रष्टाचार के एक मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। हालांकि हेमंत सोरेन जेल से बाहर हैं और फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ चुके चुके हैं लेकिन अरविंद केजरीवाल अभी जेल की सलाखों के पीछे हैं। अब कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण भूमि आवंटन घोटाले से जुड़े एक मामले में सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी दे दी है।
सीएम सिद्धारमैया की पत्नी को भाजपा सरकार में मिले थे प्लॉट
भाजपा का आरोप 4000 से 5000 करोड़ का घोटाला
कांग्रेस बोली अभी हाई कोर्ट का दरवाजा खुला है
मुख्यमंत्री ने लगाया बीजेपी पर निर्वाचित सरकार को हटाने का साजिश रचने का आरोप
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमार स्वामी के खिलाफ भी राज्यपाल के पास याचिका लंबित राजपाल ने क्यों नहीं दी मंजूरी
बीजेपी के पूर्व मंत्री शशिकला जोले मुरुगेश निरनी और जनार्दन रेड्डी के खिलाफ भी याचिकाय लंबित राज्यपाल इन पर क्यों नहीं देते मंजूरी
राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने यह मंजूरी अधिवक्ता टीजे अब्राहम प्रदीप एसपी और स्नेहमयी कृष्णा की याचिका पर लगाए आरोपों में यह आदेश दिया है। इससे पहले राज्यपाल ने 26 जुलाई को सिद्धारमैया को नोटिस भेज कर 7 दिन में जवाब पेश करने के निर्देश दिए थे लेकिन राज्य कैबिनेट ने नोटिस वापस लेने और केस चलाने की याचिका को खारिज करने की सलाह राज्यपाल को दी थी।
आखिर क्या है वह मामला जिसमें घिरते नजर आ रहे हैं कर्नाटक के सीएम
यह मामला 1992 का है तब में MUDA ने रिहाई सी डेवलपमेंट के लिए किसानों से जमीन ली थी साल 1998 में इसका एक हिस्सा वापस दे दिया गया। सिद्धारमैया के साले बीएम मल्लिकार्जुन 2004 में यह 3.16 एकड़ जमीन खरीद कर 2010 में अपनी बहन को दे दी लेकिन इस जमीन का लेआउट बन चुका था। ऐसे में सीएम की पत्नी ने कानूनी रास्ता अपनाया। हालांकि सिद्धारमैया साल 2013 से 2018 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उन्होंने परिवार की प्लांट एलॉटमेंट आवेदन नहीं बढ़ाया वही 2021 में जब बीजेपी की बसवराज बोम्मई की सरकार कर्नाटक में बनी तो 50-50 योजना के तहत मैसूर के पाश इलाके में 14 प्लाट पार्वती को अलाट कर दिए गए। आप है कि जो 16 3 पॉइंट 16 एकड़ जमीन कम की पत्नी अपनी बता रही थी उसे पर उनके कानूनी अधिकार नहीं था उन्होंने फर्जी दस्तावेज के सहारे जमीन अपने नाम कराई थी योजना में आवासीय लेआउट के लिए अविकसित जमीन के बदले 50 फ़ीसदी विकसित हिस्सा भू स्वामी को मिलना था लेकिन सिद्धरमैया ने अक्टूबर 2023 में इस स्कीम पर भी रोक लगा दी थी ।
सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
मुख्यमंत्री के खिलाफ केस दर्ज हुआ तो बीजेपी सक्रिय हो गई उसने आरोप लगाया और तत्काल पद छोड़ने की मांग की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजेंद्र और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमार स्वामी ने इस मामले में मुख्यमंत्री से इस्तीफा की मांग की है। बीजेपी ने दावा किया है कि यह घोटाला हजार 500 का नहीं 4000 से 5000 करोड़ तक का है।
वही मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी कर्नाटक में निर्वाचित सरकार को हटाने की साजिश रच रही है। पूरी पार्टी और सभी विधायक के साथ सांसद भी मेरे साथ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई गलत काम नहीं किया कि उन्हें इस्तीफा देना पड़े। इसके साथी मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नवंबर से जनता दल एस और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमार स्वामी के खिलाफ राज्यपाल के पास अभियोजन की मंजूरी के अनुरोधवाली याचिका लंबित है लेकिन अनुमति नहीं दी। लोकायुक्त ने अभियोजन की मंजूरी मांगी लेकिन राज्यपाल ने अब तक अनुमति नहीं दी।वहीं भाजपा के पूर्व मंत्रियों मुरुगेश निरानी, शशि कला जोल और जनार्दन रेड्डी के खिलाफ भी याचिकाएं लंबित हैं, राज्यपाल इन याचिकाओं पर फैसला क्यों नहीं लेते।





