मध्यप्रदेश में सीएम डॉक्टर मोहन यादव सरकार में आखिरकार लंबे इंतजार के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया है। दिलचस्प पहलू यह है कि इस मंत्रिमंडल में कई वरिष्ठ नेताओं के साथ 17 ऐसे विधायक भी शामिल हैं। जिन्हें पहली बार मंत्री बनाया गया है। डॉ.मोहन मंत्रिमंडल में 18 कैबिनेट मंत्री हैं तो 6 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और चार राज्यमंत्री शामिल हैं। मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल के विस्तार के दौरान बीजेपी आलाकमान ने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले क्षेत्र और जातिय समीकरण का पूरा ध्यान रखा है। इस मंत्रिमंडल में कैलाश विजयवर्गीय अकेले ऐसे शख्स हैं जो पहले तीन सीएम के साथ काम कर चुके हैं। हम इस रिपोर्ट में जानेंगे कि आखिर किस विधायक को सीएम यादव के मंत्रिमंडल में क्यों जगह मिली है?
विस्तार से पहले बात करेंगे कैलाश विजयवर्गीय की जो फिलहाल बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हैं और कई राज्यों के प्रभारी रहे हैं। वे 6 बार विधायक रह चुके हैं और मध्यप्रदेश में 12 सालों तक मंत्री रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं में दूसरा बड़ा नाम है प्रहलाद सिंह पटेल का। पटेल पांच बार के सांसद रहे हैं और OBC का पड़ा चेहरा हैं। मोदी और वाजपेयी सरकार में भी केन्द्र में मंत्री रह चुके हैं। इसी तरह से राकेश सिंह भी चार बार लोकसभा के सांसद रहे हैं और संघ के करीबी होने के साथ-साथ उन्हें मैनेजमेंट में भी माहिर माना जाता है। वरिष्ठ नेताओं में इसके बाद नाम आता है विश्वास सारंग का। सारंग कायस्थ समाज के बड़े नेता हैं। सारंग चार बार के विधायक रहने के अलावा पूर्ववर्ती शिवराज सिंह चौहान के भी करीबी माने जाते हैं।
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
- बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हैं
- कई राज्यों के चुनावों की ज़िम्मेदारी संभाली है
- इंदौर के महापौर रहे, 6 बार विधायक रहें
- 12 सालों तक राज्य में मंत्री रहे
प्रह्लाद सिंह पटेल
- पांच बार के सांसद
- ओबीसी का बड़ा चेहरा
- केन्द्र की वाजपेयी सरकार में कोयला मंत्री भी रहे
- मोदी सरकार में भी मंत्री रहे
- पहली बार विधायक बने
राकेश सिंह
- जबलपुर पश्चिम से विधायक
- जबलपुर से 4 बार के लोकसभा सांसद
- मैनेजमेंट में माहिर और संघ से करीबी
नारायण सिंह कुशवाहा
- ग्वालियर दक्षिण से विधायक
- कुशवाह समाज एक बड़ा वोट बैंक
- संगठन और मोर्चा में पदों पर रहे है
श्रीमती कृष्णा गौर
- गोविंदपुरा से विधायक
- बड़ा ओबीसी महिला चेहरा
- भोपाल समेत आसपास के जिलों में अच्छी पकड़
लखन पटेल
- पथरिया से विधायक बने
- कुर्मी मतदाताओं में अच्छी पकड़
- संगठन में काफी समय से सक्रिय
संपतिया उइके
- आदिवासी इलाके में अच्छी पकड़
- मंडला से विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं
- राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुनीं गई थीं
नागर सिंह चौहान
- आलीराजपुर से विधायक
- मध्य प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष के पद पर रहे
- 2008 व 2013 में लगातार जीत कर हैट्रिक बनाई
तुलसीराम सिलावट
- ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक जमीनी नेता और सक्रिय नेता
- शिवराज कैबिनेट में मंत्री रहे
राधा सिंह
- चितरंगी से पहली बार विधायक
- ससुर जग्गनाथ सिंह की विरासत
- आदिवासी इलाके में बड़ा नाम
विश्वास सारंग
- कायस्थ समाज के बड़े नेता
- नरेला पूर्व से विधायक हैं
- शिवराज के पसंद, 4 बार के विधायक
प्रद्युम्न सिंह तोमर
- ग्वालियर से विधायक, सिंधिया समर्थक
- सिंधिया के साथ ही बीजेपी में आए
- शिवराज कैबिनेट में मंत्री रहे
एदल सिंह कंषाना
- सिंधिया समर्थक गुर्जर नेता
- कांग्रेस से बीजेपी में आए
- सुमावली में कठिन लड़ाई में जीते
अर्चना चिटनिस
- पूर्व मंत्री और बुरहानपुर से विधायक
- मालवा-निमाड़ में अच्छी पकड़
- महिला नेताओं में सबसे सक्रिय
मंत्रिमंडल में शामिल चेहरों के जातिगत समीकरण
कैलाश विजयवर्गीय, सामान्य
विश्वास सारंग सामान्य
राकेश सिंह सामान्य
गोविंद सिंह राजपूत सामान्य
प्रद्युम्न सिंह तोमर, सामान्य
चैतन्य कश्यप सामान्य
राकेश शुक्ला सामान्य
दिलीप जायसवाल सामान्य
प्रह्लाद पटेल OBC
कृष्णा गौर OBC
इंदर सिंह परमार OBC
नरेंद्र शिवजी पटेल OBC
लखन पटेल OBC
एंदल सिंह कंसाना OBC
नारायण सिंह कुशवाहा OBC
धर्मेंद्र लोधी OBC
नारायण पवार OBC
दिलीप अहिरवार SC
राव उदय प्रताप OBC
धर्मेंद्र लोधी OBC
गौतम टेंटवाल SC
विजय शाह ST
निर्मला भूरिया ST
राधा सिंह ST
प्रतिमा बागरी SC
सम्पतिया उइके ST
तुलसी राम सिलावट SC
वो विधायक जो पहली बार बने मंत्री
मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी के 15 विधायकों को पहली बार मंत्री बनाया गया है। इसमें प्रहलाद पटेल, संपतिया उइके, राव उदय प्रताप, चैतन्य कश्यप, नागर सिंह चौहान, लखन पटेल, कृष्णा गौर, राजेश शुक्ला, धर्मेंद्र लोधी, दिलीप जयसवाल,नरेंद्र शिवाजी पटेल, गौतम टेटवाल, प्रतिभा बागरी, दिलीप अहिरवार के साथ राधा सिंह का नाम शामिल है।





