भारतीय फुटबॉल टीम ने फाइनल में लेबनान को हराकर सैफ (SAFF) चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है. टीम ने सेमीफाइनल मुकाबले में लेबनान को पेनल्टी शूटआउट के जरिए 4-2 से हराया. मैच के दौरान दोनों ही टीमे गोल करने में सफल नहीं हो पाई थी, जिसके बाद नतीजे के लिए पेनॉल्टी शूटआउट के जरिए विजेता टीम का फैसला किया गया. अब 4 जुलाई को खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम का मुकाबला कुवैत से होगा.
दोनों हाफ में नहीं हुए गोल
सेमीफाइनल मुकाबले में लेबनान ने भारतीय टीम को कड़ी टक्कर दी. विपक्षी टीम पहले हाफ में भारतीय टीम पर हावी रही. पहले 10 मिनट तो भारतीय खिलाड़ी तो गेंद पाने के लिए लड़ते रहे. हालांकि भारतीय टीम के डिफेंस ने भी लेबनान को गोल नहीं करने दिया. पहले हाफ बिना गोल के समाप्त हुआ. दूसरे हाफ में भी टीमों ने एक दूसरे को कड़ी टक्कर दी. एक्स्ट्रा टाइम में भी दोनों टीमे गोल नहीं दाग सकी. ऐसे में नतीजा निकालने के लिए पेनॉल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया. पेनॉल्टी शूटआउट में भारतीय टीम ने 4 गोल दागकर मैच को 4-2 से अपने नाम कर लिया.
भारत के लिए गोल
दोनों हाफ में गोल न होने के कारण नतीजे के लिए मैच में पेनॉल्टी शूटआउट की मदद ली गई. भारत के लिए पेनॉल्टी शूटआउट में कप्तान सुनील छेत्री, अनवर अली, महेश सिंह और उदांता सिंह ने गोल दागा , वहीं लेबनान के लिए केवल वालिद शौर और मोहम्मद सादेक ही गोल कर सके. फाइनल में एंट्री के साथ टीम सैफ चैंपियनशिप में 13वीं बार फाइनल में पहुंची है. टीम 4 बार उपविजेता भी रही है. ऐसे में भारतीय टीम अगर खिताबी मुकाबले में कुवैत को हराती है तो टीम SAFF चैंपियनशिप का 9वीं बार खिताब अपने नाम करेगी.
बिना कोच के उतरी थी टीम
सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम अपने हेड कोच इगोर स्टिमाक के बिना उतरी थी. कोच स्टिमा को पाकिस्तान के खिलाफ रेड कार्ड दिखा दिया था, जिसके कारण उन्हें दो मैच के लिए बैन कर दिया गया था. इसी कारण वे नेपाल के मैच में भी बाहर बैठे थे. भारतीय टीम के हेड कोच पर 41 हजार रूपये का जुर्माना भी लगा था.





