8th Pay Commission: पुरानी पेंशन योजना पर आया बड़ा अपडेट, JCM की बैठक में इन कर्मचारियों के लिए उठी OPS की मांग
नई दिल्ली। नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग 8th Pay Commission के साथ ही पुरानी पेंशन योजना यानी OPS को बहाल करने की मांग जोर पड़ रही है। इस बीच इसे लेकर एक बेहद अहम खबर सामने आई है। ई है। हाल ही में नेशनल काउंसिल-ज्वॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की 49वीं बैठक में कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने कई बड़ी मांगें रखी हैं। इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने की। बैठक का मुख्य आकर्षण साल 2004 के बाद भर्ती हुए कुछ विशेष वर्ग के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) की संभावित बहाली और उस पर संबंधित विभागों की सकारात्मक प्रतिक्रिया रही।
उच्च स्तरीय बैठक में शामिल हुए कई मंत्रालयों के अफसर
इस महत्वपूर्ण बैठक में व्यय विभाग (DOE), कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT), रेलवे, रक्षा, स्वास्थ्य और अन्य प्रमुख मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने इस मंच का उपयोग लंबे समय से लंबित और अनसुलझी मांगों को उठाने के लिए किया। इन मांगों को आगामी 8वें वेतन आयोग के ढांचे में शामिल करने की रणनीति बनाई जा रही है। बैठक में मुख्य रूप से पेंशन, पदोन्नति (Promotion), अनुकंपा नियुक्तियां और मेडिकल रीइम्बर्समेंट जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
प्रशासनिक देरी का शिकार हुए कर्मचारियों को मिलेगा OPS का लाभ!
बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा उन कर्मचारियों का उठा जिनकी भर्ती प्रक्रिया तो 1 जनवरी 2004 से पहले शुरू हो चुकी थी, लेकिन प्रशासनिक देरी के कारण उनकी जॉइनिंग साल 2004 में हुई।
- कर्मचारी संघ का तर्क: कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने पुरजोर दलील दी कि यदि सरकारी पदों के लिए वैकेंसी अधिसूचना (Notification) कट-ऑफ तारीख से पहले निकाली गई थी, तो तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से लेट जॉइनिंग होने पर कर्मचारियों को नुकसान नहीं होना चाहिए। इसमें कर्मचारियों की कोई गलती नहीं है, इसलिए उन्हें पुरानी पेंशन योजना (OPS) के दायरे में लाया जाए।
- विभागों की हरी झंडी: सूत्रों के अनुसार, व्यय विभाग (DOE) और पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DOP&PW) ने कर्मचारी संघ की इस तार्किक मांग पर अपनी सैद्धांतिक सहमति (हांमी) जता दी है। इसे उन हजारों केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है जो सालों से इस विसंगति का सामना कर रहे थे।
अनुकंपा नियुक्तियों को लेकर भी की गई बड़ी मांग
इसके अलावा, बैठक में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त होने वाले आश्रितों के हक में भी आवाज उठाई गई। कर्मचारी संघ ने मांग की है
यदि किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु वर्ष 2003 या उससे पहले हुई थी, और उसके परिवार के आश्रित सदस्य ने निर्धारित कट-ऑफ तारीख से पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन कर दिया था, तो नौकरी मिलने पर उसे भी अनिवार्य रूप से पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ दिया जाना चाहिए।
आखिर क्यों थमी नहीं है पुरानी पेंशन की मांग?
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2004 से पुरानी पेंशन योजना को बंद करके राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) को लागू किया था। पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत कर्मचारियों को उनके अंतिम आहरित वेतन (Last Drawn Salary) का सीधा 50% हिस्सा आजीवन गारंटीड पेंशन के रूप में मिलता है, जो पूरी तरह सुरक्षित होता है।
इसके विपरीत, नई योजनाओं (NPS/UPS) में पेंशन की राशि काफी हद तक शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव या एक निश्चित फंड के प्रदर्शन पर निर्भर करती है, जिससे कर्मचारियों में हमेशा एक वित्तीय जोखिम बना रहता है। यही कारण है कि आगामी 8वें वेतन आयोग के गठन से ठीक पहले कर्मचारी संगठनों ने अपनी इस मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाना तेज कर दिया है। यदि सरकार इन मांगों को मान लेती है, तो यह कर्मचारियों के लिए नए वेतन आयोग से पहले नए साल का सबसे बड़ा तोहफा होगा।
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली के संदर्भ में बहुत महत्वपूर्ण है।
यहाँ इस खबर का एक स्पष्ट और संक्षिप्त सार (Summary) दिया गया है:
बैठक के मुख्य बिंदु
- आयोजन: नेशनल काउंसिल-ज्वॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की 49वीं बैठक 11 मई को कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
- शामिल विभाग: इसमें व्यय विभाग (DOE), कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT), रेलवे, रक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
- चर्चा के विषय: बैठक में पेंशन, प्रमोशन, अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति (Compassionate Appointments) और मेडिकल रीइम्बर्समेंट जैसे अहम मुद्दों पर जोर दिया गया।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर JCM की बड़ी मांगें
1. प्रशासनिक देरी के कारण 2004 में जॉइन करने वालों को राहत:
कर्मचारी संघ ने मांग रखी कि जिन पदों के लिए विज्ञापन एक निश्चित कट-ऑफ तारीख (लेख में 22 दिसंबर 2023 लिखा है, लेकिन असल सरकारी नियमों के संदर्भ में यह 22 दिसंबर 2003 का कट-ऑफ है) से पहले निकाले गए थे, उन्हें OPS का लाभ मिलना चाहिए।
- तर्क: अगर भर्ती प्रक्रिया या प्रशासनिक देरी के कारण किसी कर्मचारी की जॉइनिंग 1 जनवरी 2004 या उसके बाद हुई, तो इसमें कर्मचारी की कोई गलती नहीं है।
- राहत की खबर: रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित विभागों (DOE/DOP&PW) ने इस मांग पर अपनी सैद्धांतिक सहमति (हांमी) भर दी है।
2. अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) पर OPS:
यह भी मांग की गई कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु साल 2003 या उससे पहले हुई हो और उसके आश्रित ने कट-ऑफ तारीख से पहले नौकरी के लिए आवेदन कर दिया था, तो उस आश्रित कर्मचारी को भी पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाना चाहिए।
पेंशन योजनाओं में क्या अंतर है?
| विशेषता | पुरानी पेंशन योजना (OPS) | नई पेंशन योजनाएं (NPS/UPS) |
| पेंशन की गारंटी | अंतिम प्राप्त वेतन (Last Drawn Salary) का 50% हिस्सा गारंटीड पेंशन के रूप में मिलता है। | पेंशन की राशि शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव या एक निश्चित फंड के प्रदर्शन पर निर्भर करती है। |
| वित्तीय जोखिम | शून्य। रिटायरमेंट के बाद आजीवन वित्तीय सुरक्षा मिलती है। | शेयर बाजार से जुड़े होने के कारण इसमें वित्तीय जोखिम बना रहता है। |
| वर्तमान स्थिति | 1 जनवरी 2004 से सरकार द्वारा बंद कर दी गई है। | 1 जनवरी 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए लागू है। |
कर्मचारी संगठन इस बैठक के माध्यम से सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले पुरानी पेंशन योजना और अन्य लंबित मांगों से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों को सुलझा लिया जाए। प्रशासनिक देरी के कारण OPS से वंचित रह गए कर्मचारियों के लिए यह खबर एक बड़ी उम्मीद लेकर आई है।





