मनसा देवी मंदिर में मची भगदड़: 6 श्रद्धालुओं की मौत, 32 घायल; सावन की भीड़ और फिसलन बनी हादसे की वजह
उत्तराखंड के धार्मिक नगर हरिद्वार से रविवार को एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। मनसा देवी मंदिर में सुबह के समय भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें 6 श्रद्धालुओं के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि 32 से अधिक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, और घायलों को हरिद्वार जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- हरिद्वार में सावन के पहले रविवार को बड़ा हादसा
- 6 श्रद्धालुओं की मौत, 32 से अधिक श्रद्धालु घायल
- मनसा देवी मंदिर में भारी भीड़ के बीच मची भगदड़
- मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुख, राहत-बचाव कार्य जारी
- घायलों को किया गया है हरिद्वार जिला अस्पताल में भर्ती
हादसा कैसे हुआ?
बताया जा रहा है कि रविवार सुबह, सावन के पहले बड़े दिन के चलते हजारों श्रद्धालु मनसा देवी मंदिर में जल चढ़ाने के लिए पहुंचे थे। मंदिर का रास्ता सीढ़ियों वाला, संकरा और ढलानयुक्त है। मानसून की बारिश से रास्ता फिसलन भरा हो गया था। इसी दौरान एक अफवाह फैल गई कि बिजली का करंट फैला है, जिससे श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। लोग भागने लगे, जिससे कई श्रद्धालु गिर पड़े और भगदड़ मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग सीढ़ियों पर चढ़ते समय फिसल गए और एक-दूसरे पर गिरते चले गए। इसी में कई लोगों की दबकर मौत हो गई और कई घायल हो गए।
प्रशासन का बयान
गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया, “मनसा देवी मंदिर में भीड़ नियंत्रण से बाहर हो गई थी। भगदड़ में 6 लोगों की मौत और 32 श्रद्धालु घायल हुए हैं। प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं। रेस्क्यू अभियान तेजी से चल रहा है।” कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है और घायलों को तत्काल इलाज के लिए भेजा गया है।
पुलिस और प्रशासन की लापरवाही?
प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं कि सावन जैसे संवेदनशील समय में भीड़ प्रबंधन के उचित इंतजाम क्यों नहीं किए गए? हर साल सावन में लाखों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा उपायों को लेकर लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय श्रद्धालुओं ने बताया कि मंदिर तक जाने वाले रास्ते पर ना तो पर्याप्त पुलिस बल था और ना ही प्राथमिक उपचार की व्यवस्था। इसके अलावा बारिश के चलते फिसलन वाले स्थानों पर रेलिंग और सुरक्षा के दूसरे जरुरी उपाय नहीं किए गए थे।
मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुख
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा शोक जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर मार्ग पर भगदड़ का अत्यंत दुःखद समाचार मिला है। हादसे के बाद स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में जुट गए हैं। सीएम ने कहा वे इस संबंध में निरंतर प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क में हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। माता रानी से सभी श्रद्धालुओं के सकुशल होने की प्रार्थना करते हैं।
मृतकों और घायलों की पहचान
मृतकों की पहचान और उनके परिजनों की जानकारी जुटाई जा रही है। जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है, जिससे लोग अपनों की जानकारी ले सकें। घायलों में कई महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं।
भविष्य के लिए सबक
यह हादसा एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन की कमजोरी को उजागर करता है। सावन जैसे विशेष अवसरों पर जब लाखों श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन को आते हैं, तो प्रशासन को भीड़ नियंत्रित करने की पूर्व तैयारी, सुरक्षा बल की तैनाती, प्राथमिक चिकित्सा और फिसलन रोकने के उपाय सुनिश्चित करने चाहिए। प्रकाश कुमार पांडेय