फास्ट फूड, रिफाइंड कार्ब्स, रेड मीट और मीठे पेय का अधिक सेवन बढ़ा सकता है जोखिम, लेकिन कोई भी भोजन सीधे पेट में जाकर पत्थर नहीं बनता।
‘पेट में पत्थर’ बनने का दावा कितना सही?
अक्सर सोशल मीडिया और इंटरनेट पर यह दावा किया जाता है कि कुछ चीजें पेट में जाकर पत्थर बन जाती हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह दावा पूरी तरह सही नहीं है। वास्तव में पित्त की थैली (Gallbladder) या किडनी में पथरी कई कारणों से बनती है। खानपान, मोटापा, आनुवंशिक कारण, हार्मोनल बदलाव और जीवनशैली इसके प्रमुख जोखिम कारक हैं। कुछ खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन पथरी बनने का खतरा बढ़ा सकता है, लेकिन वे सीधे पेट में जाकर पत्थर नहीं बन जाते।
1. फैटी और जंक फूड
तले-भुने और अधिक वसा वाले खाद्य पदार्थ शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा सकते हैं। इससे पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने पर गॉलब्लैडर स्टोन बनने का खतरा बढ़ सकता है।
किन चीजों से बचें?
- फास्ट फूड
- तली हुई चीजें
- हैवी क्रीम
- ऑयली स्नैक्स
2. रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट
सफेद ब्रेड, मैदा, पास्ता और अन्य रिफाइंड कार्ब्स का अधिक सेवन इंसुलिन के स्तर और वजन पर असर डाल सकता है, जिससे पित्त की पथरी का जोखिम बढ़ सकता है।
बेहतर विकल्प
- मल्टीग्रेन आटा
- ओट्स
- ब्राउन राइस
- साबुत अनाज
3. रेड मीट
रेड मीट में संतृप्त वसा और कोलेस्ट्रॉल अपेक्षाकृत अधिक होता है। बार-बार और अधिक मात्रा में सेवन करने से पित्त की पथरी बनने की संभावना बढ़ सकती है। विशेषज्ञ संतुलित मात्रा में सेवन और लीन प्रोटीन को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।
4. शक्कर वाले पेय पदार्थ
कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस और अधिक चीनी वाले पेय का लगातार सेवन मोटापा और इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ा सकता है, जो पथरी बनने के जोखिम कारकों में शामिल हैं।
क्या पिएं?
- सादा पानी
- नारियल पानी
- बिना चीनी का नींबू पानी
- छाछ
5. फुल-फैट डेयरी उत्पाद
आइसक्रीम, फुल-फैट दूध, चीज और मक्खन जैसे डेयरी उत्पादों में वसा अधिक होती है। इनका अत्यधिक सेवन कुछ लोगों में पित्त की पथरी का खतरा बढ़ा सकता है। लो-फैट या संतुलित मात्रा में डेयरी उत्पादों का सेवन अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है।
क्या हर पथरी का इलाज ऑपरेशन ही है?
यह दावा भी पूरी तरह सही नहीं है।
- पित्त की थैली की लक्षणयुक्त (Symptomatic) पथरी में अक्सर गॉलब्लैडर निकालने की सर्जरी (Cholecystectomy) सबसे प्रभावी उपचार माना जाता है।
- लेकिन हर मरीज को ऑपरेशन की जरूरत नहीं होती। कई छोटी और बिना लक्षण वाली पथरियों में डॉक्टर केवल निगरानी की सलाह देते हैं।
- किडनी स्टोन के कई मामलों में दवा, अधिक पानी, ESWL (शॉक वेव थेरेपी) या एंडोस्कोपिक प्रक्रिया से भी इलाज संभव है।
इलाज पथरी के आकार, स्थान और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है।
पथरी से बचाव के आसान उपाय
- संतुलित और फाइबर युक्त भोजन करें।
- पर्याप्त पानी पिएं।
- वजन नियंत्रित रखें।
- नियमित व्यायाम करें।
- अत्यधिक तला-भुना और मीठा भोजन सीमित करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा या घरेलू उपचार न अपनाएं।
यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी बीमारी के लक्षण, जांच या उपचार के लिए योग्य चिकित्सक या गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से सलाह अवश्य लें।