4 मार्च 2026 को देशभर में मौसम का मिज़ाज धीरे-धीरे वसंत से गर्मी की ओर बढ़ता हुआ दिखाई देगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, कई राज्यों में तापमान सामान्य से ऊपर जा सकता है, जबकि पहाड़ी इलाकों में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। कुल मिलाकर यह दिन मौसम के अलग-अलग रंग दिखाने वाला रहेगा।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में साफ आसमान लेकिन दोपहर में चुभती धूप
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिनभर मौसम साफ बना रहेगा। हालांकि सूरज की तेज किरणों के कारण दिन के समय गर्मी महसूस की जाएगी। अधिकतम तापमान 32 डिग्री से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सुबह और रात में हल्की ठंडक बनी रहेगी, जिससे मौसम का अंतर साफ महसूस होगा।
पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ी राज्यों में बदलेगा मौसम का रुख
हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के संकेत हैं। इसके असर से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बादल छा सकते हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है। वहीं, इसका प्रभाव मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के रूप में भी नजर आ सकता है।
मध्य भारत में गर्मी का असर तेज, पारा 36 डिग्री के पार
मध्य प्रदेश (भोपाल समेत), राजस्थान और महाराष्ट्र में गर्मी का प्रभाव अधिक रहेगा। इन राज्यों में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है, जिससे दोपहर के समय लू जैसी स्थिति महसूस हो सकती है। लोगों को पानी और हल्के कपड़ों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में उमस भरा मौसम
दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में तापमान बहुत अधिक न सही, लेकिन नमी के कारण उमस बनी रह सकती है। समुद्री हवाओं के चलते मौसम भारी महसूस होगा, जिससे दिन के समय असहजता बढ़ सकती है।
4 मार्च 2026 का दिन यात्रा और बाहरी गतिविधियों के लिए सामान्य रूप से ठीक रहेगा, लेकिन दोपहर की सीधी धूप से बचना जरूरी है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो बदलते मौसम के कारण बुजुर्गों और बच्चों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।