डच शख़्श की 21 दिनों की सिटी वॉक से जानते हैं चीन यात्रा क्यों बन रही है लोकप्रिय

कुछ दिन पहले, शीआन जाने वाली तेज रफ्तार ट्रेन में मेरी मुलाकात नीदरलैंड के डॉर्ड्रेख्ट
(Dordrecht) के एक युवक से हुई। उसकी यात्रा नीदरलैंड के नागरिकों के लिए चीन की एकतरफा
वीजा मुक्त नीति के साथ बिल्कुल मेल खाती थी। वह अपने तीन दोस्तों के साथ चीन में 21 दिनों
की “सिटी वॉक” पर निकला था। शांगहाई, पेइचिंग, शीआन, चांगच्याच्ये, शनचन, सान्या और
हांगकांग जैसे सात अलग-अलग शहर उसकी यात्रा में शामिल थे। इन शहरों को अपने कदमों और
जिज्ञासा से जोड़ते हुए उसने चीन की एक जीवंत तस्वीर सामने रखी। उसने चीन की सांस्कृतिक
विरासत और आधुनिक जीवन की खूब प्रशंसा की। साथ ही, वह इस बात से भी खुश था कि यूरोप में
पड़ रही भीषण गर्मी से बचकर उसे चीन में कुछ राहत मिल रही थी।

दरअसल, यह कोई इकलौती घटना नहीं है। इस गर्मी में सांस्कृतिक पर्यटन, ग्रीष्मकालीन अवकाश
पर्यटन और पर्यावरण पर्यटन में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। चीन घूमने के लिए विदेशी
पर्यटकों का उत्साह भी साफ तौर पर बढ़ा है। “चीन यात्रा” यानी “China Travel” वैश्विक सोशल
मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक लोकप्रिय हैशटैग बन गया है। इसकी लोकप्रियता का महत्व केवल वीजा
मुक्त नीति तक सीमित नहीं है। यह दुनिया के लिए चीन के खुलेपन, उसकी व्यापक सांस्कृतिक
और पर्यटन अपील तथा उसकी राष्ट्रीय शासन क्षमता की भी झलक दिखाती है।

इस डच युवक का आश्चर्य मुख्य रूप से चीन द्वारा दुनिया के सामने पेश की जाने वाली उस
समृद्धि से जुड़ा था, जिसकी उसने शायद कल्पना भी नहीं की थी। यह समृद्धि किसी खास पर्यटन
पैकेज का हिस्सा नहीं थी, बल्कि चीन के आधुनिकीकरण के बीच विकसित हुए रोजमर्रा के जीवन की
वास्तविक तस्वीर थी।

शीआन में उसने छिन राजवंश (221 ईसा पूर्व – 207 ईसा पूर्व) के प्रथम सम्राट छिन शीहुआंग के
मकबरे की टेराकोटा सेना की हजारों साल पुरानी विरासत को करीब से देखा। यह पूर्वी सभ्यता की
ऐतिहासिक गहराई का प्रमाण है। वहीं, शांगहाई में उसने गगनचुंबी इमारतों से घिरी आधुनिक
क्षितिज रेखा को निहारा, जो चीन के तेज विकास की तस्वीर पेश करती है। दूसरी ओर, चांगच्याच्ये
की अनोखी चोटियों और चट्टानों से लेकर सान्या के नीले समुद्र और खुले आकाश तक, उसने चीन
के “हरे पहाड़ों और स्वच्छ जल” से जुड़ी प्राकृतिक सुंदरता को भी महसूस किया।
इस तरह, सांस्कृतिक धरोहरें उसके लिए केवल बीते दौर की फीकी पड़ चुकी निशानियां नहीं थीं,

बल्कि आज भी जीवंत कहानियां सुनाने वाली विरासत थीं। इसी तरह, आधुनिक शहर उसके लिए
केवल कंक्रीट के जंगल नहीं, बल्कि जीवन से भरी जीवंत जगहें थीं। प्राचीन और आधुनिक का यह
अनोखा मेल, शहर और गांव के बीच बढ़ता जुड़ाव तथा इंसान और प्रकृति के बीच सामंजस्यपूर्ण
सहअस्तित्व मिलकर चीन के उस आकर्षण को सामने लाते हैं, जिसे किसी एक शब्द में समेटना
आसान नहीं है।

इसी वजह से विदेशी पर्यटक अब केवल चीन की महान दीवार और निषिद्ध शहर जाकर तस्वीर
खींचने या चेक इन करने तक सीमित नहीं रहना चाहते। वे शहरों की सड़कों और गलियों में घूमना
चाहते हैं, चीनियों के बाजार देखना चाहते हैं और रात के बाजारों में BBQ का स्वाद लेना चाहते हैं।
यानी वे एक ऐसे वास्तविक और व्यापक चीन को समझना चाहते हैं, जो पर्यटन स्थलों से आगे आम
लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में दिखाई देता है।

इसके साथ ही, चीन की खुली नीति भी “चीन यात्रा” की बढ़ती लोकप्रियता की एक अहम वजह बन
रही है। चीन ने नीदरलैंड सहित दस से अधिक देशों के नागरिकों के लिए एकतरफा वीजा मुक्त प्रवेश
की सुविधा शुरू की है और “144 घंटे की वीजा मुक्त पारगमन नीति” का दायरा भी लगातार बढ़ाया
है। देखने में यह कदम पर्यटन को बढ़ावा देने वाली नीति लगता है, लेकिन इसका असर इससे कहीं
व्यापक है। यह दुनिया के लिए चीन के खुलेपन और बाहरी दुनिया के साथ संपर्क बढ़ाने की उसकी
इच्छा का संकेत भी है। इससे लोगों के बीच एक दूसरे को समझने की दूरी कम होती है और लंबे
समय से मौजूद कई धारणाओं को प्रत्यक्ष अनुभव के जरिए परखने का मौका मिलता है।
जब विदेशी पर्यटक बिना किसी बड़ी परेशानी के पासपोर्ट लेकर चीन में प्रवेश करते हैं और हाई-स्पीड
रेल नेटवर्क तथा मोबाइल भुगतान जैसी सुविधाओं का आसानी से इस्तेमाल करते हैं, तो यह सहज
अनुभव चीन की आधुनिक शासन व्यवस्था और बुनियादी ढांचे की क्षमता को भी सामने लाता है।
कुछ देशों में वीजा से जुड़ी मुश्किलों और विदेशियों के प्रति संदेहपूर्ण रवैये की तुलना में चीन का यह
दृष्टिकोण एक प्राचीन सभ्यता के आत्मविश्वास और खुलेपन को दिखाता है। संदेश साफ है, चीन को
देखने और समझने के लिए दुनिया का स्वागत है।

वहीं, “ग्रीष्मकालीन अवकाश पर्यटन” और “पर्यावरण पर्यटन” के बढ़ते चलन ने चीन की जलवायु
और पर्यावरण को लेकर विदेशी पर्यटकों की पुरानी धारणाओं को भी धीरे-धीरे बदला है। जिन चीनी
शहरों को कभी प्रदूषण से जोड़कर देखा जाता था, वहां आज नीला आसमान, सफेद बादल, पार्क, हरे-
भरे रास्ते और घने जंगल पर्यटकों का स्वागत करते हैं।

चीन के दोहरे कार्बन लक्ष्यों के तहत पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए प्रयासों का असर पर्यटन
और सांस्कृतिक अनुभवों में भी दिखाई देता है। जब वह युवा डच पर्यटक चीन में गर्मी से राहत पाकर
खुश हुआ, तो उसने केवल तापमान का अंतर महसूस नहीं किया, बल्कि चीन में पर्यावरण सुधार और
बेहतर जीवन से जुड़े बदलावों का अनुभव भी किया।

इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि विदेशी पर्यटकों द्वारा बनाए जा रहे व्लॉग और यात्रा वृत्तांत अब
लोगों के बीच आपसी समझ बढ़ाने का नया माध्यम बन रहे हैं। इन वीडियो में चीन की कोई बड़ी
राजनीतिक कहानी नहीं होती, बल्कि गरमागरम बन बेचने वाली दुकानों, तेज रफ्तार ट्रेनों और
उत्साह के साथ रास्ता बताने वाले आम लोगों की तस्वीरें होती हैं। ऐसी तस्वीरों से विदेशों में अधिक
लोगों को यह समझने का मौका मिल रहा है कि चीन केवल ख़बरों में दिखाई देने वाला एक भू-
राजनीतिक प्रतीक नहीं है। यह आम लोगों, उनके अनुभवों, स्वादिष्ट भोजन और रोजमर्रा के जीवन
से जुड़ा एक जीवंत देश भी है।

उस युवा डच नागरिक के लिए 21 दिनों की “सिटी वॉक” भले ही एक यात्रा थी, लेकिन चीन के लिए
विदेशी पर्यटकों का हर मुस्कुराता चेहरा और साझा किया गया हर वास्तविक अनुभव उसकी छवि को
दुनिया के सामने रखने का एक माध्यम बन रहा है। ये सिटी वॉकर अपने कदमों से चीन को समझते
हैं और अपने अनुभवों के जरिए एक के बाद एक जमीनी चीनी कहानियां दुनिया तक पहुंचाते हैं। जब
खुलापन सामान्य व्यवहार बन जाएगा और लोगों के बीच आदान-प्रदान और स्वाभाविक होगा, तब
“चीन यात्रा” की लोकप्रियता केवल एक समय की चर्चा नहीं रहेगी, बल्कि धीरे-धीरे एक स्थायी
वैश्विक पर्यटन प्रवृत्ति में बदल सकती है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

 

 

 

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