Israel-Iran युद्ध में भारतीयों पर असर…2 कश्मीरी छात्र घायल… भारत सरकार चलाएगी रेस्क्यू मिशन ‘ “ऑपरेशन सहारा”

2 Kashmiri students injured in Israel Iran war Indian government will run rescue mission Operation Sahara

Israel-Iran Conflict ईरान और इजरायल में जंग के बीच लगातार तनाव बढ़ रहा है। ईरान की ओर से कहा गया है कि जब तक इजरायल हमले बंद नहीं करता वह सीजफायर पर बात नहीं करेगा। इजरायल की ओर से किये गये हमले में अब तक ईरान के करीब 224 नागरिकों की मौत हुई है। वहीं ईरान की ओर से किये गये हमलों में करीब 10 इज़रायली नागरिक मारे गए है। वहीं 100 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं। ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध को देखते हुए भारत सरकार ने ईरान में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों को लेकर चिंता जताई है। सूत्रों की माने तो भारत सरकार की ओर से छात्रों को ईरान से रिलोकेट कर आर्मेनिया ले जाने की इजाज़त मांगी गई है। विदेश मंत्रालय ईरान में भारतीय छात्रों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। ईरान में पढ़ने गये भारतीय छात्रों के साथ वहां काम करने वाले अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार की ओर से हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। भारत सरकार की ओर से आज सोमवार को एक बयान में कहा कि ईरान में कुछ भारतीय छात्रों को देश के भीतर “सुरक्षित स्थानों” पर स्थानांतरित किया जा रहा है।

ईरान और इज़रायल संघर्ष के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई अहम कदम उठाए हैं। युद्धग्रस्त हालात को देखते हुए भारत की ओर से ईरान में पढ़ रहे छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर रिलोकेट करने और जरूरत पड़ने पर आर्मेनिया भेजने की अनुमति मांगी है।

मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष का असर अब भारतीयों तक भी पहुंच चुका है। ईरान में इजरायल द्वारा किए गए ताजा हमले में 2 कश्मीरी छात्र घायल हो गए हैं, जबकि करीब 10 हजार भारतीय नागरिक वहां फंसे हैं। गंभीर हालात को देखते हुए भारत सरकार ने रेस्क्यू अभियान शुरू करने का फैसला किया है।

दरअसल 13 जून को इज़रायल ने ईरान पर “ऑपरेशन राइजिंग लॉयन” शुरू किया। जिसके तहत ईरान के 170 से अधिक स्थानों और 720 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस हमले में 224 ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है। साथ ही 14 टॉप अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। जवाब में ईरान ने भी 200 बैलिस्टिक मिसाइलें और 100 ड्रोन इज़रायल की ओर दागे। यरुशलम और तेल अवीव समेत कई सैन्य व नागरिक ठिकानों पर हमले किए गए। अब तक ईरान के हमलों में 14 इज़रायली नागरिकों की मौत और 390 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

युद्ध का भारतीयों पर असर

ईरान में घायल हुए दोनों कश्मीरी छात्र तेहरान यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे थे। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और उन्हें ईरानी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया है। ईरान में लगभग 10 हजार भारतीय नागरिक – छात्र, व्यवसायी और श्रमिक – अभी भी फंसे हैं। भारत सरकार ने ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए “ऑपरेशन सहारा” नाम से एक विशेष रेस्क्यू मिशन की योजना बनाई है।

ईरान पर 2300 किमी दूर से हमले में 406 मौत वहीं इजरायल में 16 मरे…
इजरायल की वायु सेना की ओर से ईरान पर हमले बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच पूर्वी ईरान के मशहद हवाई अड्डे पर इजरायली सेना ने एक ईरानी ईंधन भरने वाले विमान पर हमला किया। यह विमान इजराइल से करीब 2,300 किमी दूर है। हमला होते ही विमान आग की लपटों में घिरकर तबाह हो गया। इजरायल की ओर से यह हमला ऑपरेशन राइजिंग लॉयन के आगाज के बाद से किया गया सबसे लंबी दूरी का हमला बताया जा रहा है। जबकि ईरान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने इजरायल के हाइफा पोर्ट पर भीषण हमला किया है। इजरायली की ओर से ईरान पर हमले के 72 घंटे से अधिक का समय हो चुका है। अब करीब 406 ईरानियों की मौत इस हमले के दौरान हो चुकी है, जबकि 654 लोग जख्मी हुए हैं। वहीं ईरान की ओर से किये गये हमले में अब तक 16 इजरायलियों के मरने की खबर है। दर्जनों लोग घायल भी हैं। पिछले 72 घंटों की बात करें तो इजरायल ने ईरान के हर मुमकिन इंफ्रास्ट्रक्चर और टारगेट पर जोरदार हमला किया है। हालांकि तेहरान की ओर से कहा गया है कि इजरायली हमले में अब तक करीब 224 मौतें हुई हैं। इनमें अधिकांश नागरिक मारे गए हैं।

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