बेरोजगार युवकों को हर महीने 1 हजार रुपये..जानें क्या नीतीश कुमार के बड़े दांव से बदलेगा चुनावी समीकरण?

1000 rupees per month to unemployed youth Know whether Nitish Kumar big move

बेरोजगार युवकों को हर महीने 1 हजार रुपये..जानें क्या नीतीश कुमार के बड़े दांव से बदलेगा चुनावी समीकरण?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। अब राज्य के स्नातक पास युवक-युवतियों को भी “मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना” के तहत प्रति माह 1,000 रुपये की सहायता मिलेगी। यह सुविधा अधिकतम दो साल तक मिलेगी। इससे पहले योजना सिर्फ 12वीं पास बेरोजगार युवाओं तक सीमित थी। सरकार ने स्पष्ट किया कि इसका लाभ उन्हीं युवाओं को मिलेगा जिनकी आयु 20–25 वर्ष के बीच है, वे न पढ़ाई कर रहे हैं और न ही किसी नौकरी/स्वरोजगार में लगे हैं। सरकार का कहना है कि यह राशि युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और कौशल विकास में लगा पाएंगे।

बेरोजगार युवकों को हर महीने 1 हजार… नीतीश का बड़ा दांव

इस ऐलान को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। नीतीश कुमार ने दावा किया कि 2005 से उनकी सरकार ने युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया है। वहीं विपक्ष, खासकर तेजस्वी यादव, इसे अपनी योजनाओं की नकल बता सकते हैं। विश्लेषकों के मुताबिक यह योजना लाखों परिवारों को राहत देगी, लेकिन सवाल यह भी है कि क्या यह सिर्फ चुनावी राहत पैकेज है या वास्तव में युवाओं को रोजगार दिलाने का ठोस प्रयास। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब राज्य के स्नातक उत्तीर्ण बेरोजगार युवक-युवतियों को भी “मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना” के तहत 1,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि दो साल तक मिलेगी। पहले यह योजना केवल इंटर पास बेरोजगार युवाओं तक सीमित थी। अब कला, विज्ञान और वाणिज्य में स्नातक उत्तीर्ण बेरोजगार युवा भी इसका लाभ ले पाएंगे। नीतीश कुमार ने कहा कि इसका मकसद युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर दिलाना और आत्मनिर्भर बनाना है।

योजना का लाभ किसे मिलेगा?

20–25 आयु वर्ग के स्नातक पास युवक-युवतियां। जो कहीं पढ़ाई नहीं कर रहे हैं। जिनके पास नौकरी या स्वरोजगार नहीं है। जो सरकारी, निजी या गैर-सरकारी किसी भी क्षेत्र में नियोजित नहीं हैं। सरकार का मानना है कि यह राशि युवा कौशल विकास, प्रशिक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में उपयोग कर पाएंगे।

नीतीश का राजनीतिक दांव

यह घोषणा ऐसे समय पर आई है जब बिहार विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं। नीतीश कुमार ने बेरोजगार युवाओं को साधने की कोशिश की है। बिहार में बेरोजगारी हमेशा से चुनावी मुद्दा रही है। युवाओं को मासिक भत्ता देने का सीधा असर करीब 20–25 लाख परिवारों पर पड़ सकता है। नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में याद दिलाया कि 2005 से उनकी सरकार लगातार युवाओं को सरकारी नौकरी, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार दिलाने के लिए काम कर रही है।

विपक्ष का पलटवार

तेजस्वी यादव लंबे समय से नीतीश कुमार पर आरोप लगाते रहे हैं कि वे उनकी योजनाओं की नकल करते हैं। तेजस्वी ने 2020 के चुनाव में 10 लाख नौकरियों का वादा किया था। तब से वे बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर नीतीश सरकार पर हमलावर रहते हैं। अब देखना होगा कि इस नए ऐलान पर तेजस्वी और RJD किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं।

आर्थिक बोझ और सवाल

राज्य की वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह योजना कई सवाल भी खड़े करती है। अनुमान है कि इस योजना पर हजारों करोड़ रुपये का वार्षिक खर्च आएगा। पहले से ही राज्य पर कल्याणकारी योजनाओं का भारी बोझ है। क्या यह योजना वास्तव में रोजगार दिलाने में मदद करेगी या सिर्फ चुनावी राहत पैकेज साबित होगी? विशेषज्ञ मानते हैं कि भत्ता देना अस्थायी राहत है, लेकिन स्थायी समाधान रोजगार सृजन से ही आएगा।

युवाओं की उम्मीदें

बिहार के लाखों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। छोटे कस्बों और गांवों में रहने वाले युवाओं के लिए यह भत्ता परीक्षा शुल्क, किताबें और ट्रेनिंग के खर्च में मददगार साबित हो सकता है। खासकर गरीब परिवारों के छात्रों को इससे राहत मिलेगी। हालांकि, यह राशि सिर्फ सहायक हो सकती है, स्थायी रोजगार का विकल्प नहीं।

चुनावी समीकरण पर असर

बिहार की राजनीति में युवाओं और महिलाओं को लुभाना सबसे अहम रणनीति रही है। नीतीश कुमार पहले भी साइकिल योजना, पोशाक योजना और स्कॉलरशिप जैसी योजनाओं से वोटरों को प्रभावित कर चुके हैं। अब बेरोजगारों के लिए यह योजना सीधे युवाओं के वोट बैंक को साधने का प्रयास है। विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा RJD बनाम JDU के बीच सीधी टक्कर बन सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह योजना समय पर लागू होती है और युवाओं को इसका लाभ मिलने लगता है, तो नीतीश कुमार को चुनावी फायदा हो सकता है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1,000 रुपये देने का बड़ा ऐलान किया है। यह कदम निश्चित रूप से युवाओं को राहत देगा और चुनावी माहौल को प्रभावित करेगा। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या यह चुनावी दांव साबित होगा? या फिर वास्तव में यह राज्य में युवाओं के भविष्य को बदलने वाली योजना होगी? …(प्रकाश कुमार पांडेय)

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