वक्फ संशोधन बिल पर घमासान… TDP-JDU के सपोर्ट से सरकार की राह आसान…जानें क्या है बिल के पक्ष में नंबरगेम…वक्फ संशोधन बिल को लेकर बंटे मुस्लिम नेता
वक्फ संशोधन बिल को लेकर अब तस्वीर पूरी तरह से साफ हो गई है। यह संशोधन बिल आज दो अप्रैल बुधवार को दोपहर 12 बजे लोकसभा में आएगा। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में इस पर मुहर लगा दी गई है। वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में आज ही वोटिंग होगी। ये भी तय माना जा रहा है कि बीजेपी नेतृत्व वाली एनडीए सरकार अपने तीसरे कार्यकाल के सबसे अहम बिल पर आज जीत हासिल कर सकती है। हालांकि इस बिल को लेकर सियासी दलों में जबरदस्त घमासान मचा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इस बिल के बारे में पक्ष और विपक्ष दोनों ओर के मुस्लिम नेता अलग-अलग राय रखते है।
- वक्फ संशोधन बिल पर आज सकती है विभाजन की स्थिति
- लोकसभा में 542 सदस्य
- एनडीए के पास निचले सदन में 293 सांसद
- इंडिया गठबंधन के पास 235 सांसद हैं
- लोकसभा में बहुमत का नंबर 272
- NDA के पास विधेयक को पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्याबल
- सहयोगी टीडीपी और जेडीयू का साथ लेना जरूरी
- टीडीपी, जेडीयू, HAM और एलजेपी—R ने जारी किया व्हिप
- NDA के सहयोगियों दलों ने विधेयक का समर्थन करने व्हिप जारी किया
लोकसभा में बीजेपी नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए के पास इस विधेयक को पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्याबल है। हालांकि उसे सहयोगी टीडीपी और जेडीयू का साथ लेना जरूरी है। टीडीपी, जेडीयू ही नहीं HAM और एलजेपी—R समेत एनडीए के सभी सहयोगियों दलों ने अपने सांसदों को संसद में उपस्थित रहने और विधेयक का समर्थन करने के लिए व्हिप जारी किया है। बता दें लोकसभा में 542 सदस्य हैं। जिसमें एनडीए के पास निचले सदन में 293 सांसद हैं। जबकि इंडिया गठबंधन के पास 235 सांसद हैं। अन्य या निर्दलीय सांसदों को भी जोड़ दें तो ये संख्या 249 तक ही होती है। जबकि लोकसभा में बहुमत का नंबर 272 है।
सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन एनडीए की अगुवाई कर रही बीजेपी की ओर से अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी किया है। जिसमें सदन में मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए कहा है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि आठ घंटे चर्चा का समय इसे लेकर तय किया है। इस समय को बढ़ाया जा सकता है। रिजिजू ने कहा अब अगर कोई वॉकआउट कर बहाना करना चाहता है। सदन में चर्चा से भागना चाहता है तो उसे हम रोक नहीं सकते। उन्होंने कहा चर्चा तो करें। हर दल को अपना अपना पक्ष रखना चाहिए।
JDU और TDP के सुझाव किये मान्य…!
वक्फ संशोधन विधेयक में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। यह संशोधन बदलाव जेपीसी की ओर से की गई सिफारिशों के आधार पर किए गए हैं। इसके साथ ही सहयोगी दलो जेडीयू और टीडीपी की ओर से भी जो सुझाव दिए है उन संशोधनों को भी स्वीकार कर लिया गया है। अब आज यह संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया जाएगा।
- देश में पुरानी मस्जिदों से छेड़छाड़ नहीं
- गैर मुस्लिम सदस्यों की संख्या में वृद्धि
- जानें वक्फ बिल में कौन-कौन से बड़े संशोधन किये
बिल में किये गये यह अहम संशोधन?
वक्फ संशोधन विधेयक में किये गये महत्वपूर्ण संशोधन में वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों में राज्य सरकारों का नियंत्रण और उनकी भूमिका बनी रहेगी। संपत्ति वक्फ की है अथवा नहीं यह तय करने के लिए राज्य सरकार की ओर से कलेक्टर की रैंक से ऊपर के अधिकारी को नियुक्त किया जा सकता है।
मौजूदा पुरानी मस्जिदों के साथ दरगाह या दूसरे मुस्लिम धार्मिक स्थानों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होगी। नया कानून पुरानी तारीख से लागू नहीं होगा। यह सुझाव जेडीयू की ओर से भी दिया गया था। जिसे एनडीए सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
वक्फ परिषद में होंगे दो गैर मुस्लिम सदस्य
औकाफ की सूची गजट में प्रकाशन के तीन माह यानी 90 दिन के भीतर पोर्टल पर अपडेट करना होगी। वक्फ परिषद में पदेन सदस्यों के अतिरिक्त दो सदस्य गैर मुस्लिम भी होंगे। वक्फ बोर्ड में वक्फ मामलों से जुड़े संयुक्त सचिव पदेन सदस्य होंगे। हालांकि इनमें से कुछ प्रावधान ऐसे हैं जिनको लेकर विवाद भी खड़ा हो सकता है। जैसे वक्फ परिषद और बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की संख्या बढ़ाई जाएगी। वहीं धारा 11 के तहत संशोधन स्वीकार कर लिया गया है। जिसके तहत पदेन सदस्य ex-officio member चाहे वह मुस्लिम हों या गैर-मुस्लिम उन्हें गैर-मुस्लिम सदस्यों की गिनती में शामिल नहीं किया जा सकता। अब समिति में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को रखा जाएगा। जिसमें हिंदू या अन्य धर्मों के लोग हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार का एक अधिकारी भी इसमें जोड़ा जाएगा।
वक्फ संपत्ति को दान करने के लिए इस्लाम धर्म का पालन साबित करना होगा। बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या की ओर से प्रस्तावित विवादास्पद धारा 14 को विधेयक में शामिल कर लिया गया है। इस संशोधन के तहत कोई भी व्यक्ति तभी अपनी संपत्ति वक्फ कर सकता है। जब वे कम से कम 5 साल से इस्लाम धर्म का पालन करता आ रहा हो। इसके अतिरिक्त संपत्ति को वक्फ करने में कोई किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो। इसका भी प्रमाण पेश करना आवश्यक होगा। इसके साथ ही वक्फ ट्रिब्यूनल में भी अब तीन सदस्य होंगे। इससे पहले ट्रिब्यूनल में केवल दो ही सदस्य होते थे। संशोधन के बाद अब इसमें तीसरे सदस्य के रुप में एक इस्लामिक स्कॉलर को शामिल किया जाएगा।….प्रकाश कुमार पांडेय